Delhi Signal-Free Corridor : राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। शहर में पहले से चल रही सिग्नल-फ्री कॉरिडोर परियोजनाओं के बीच अब 25 नए मार्गों को भी सिग्नल-फ्री बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। इन कॉरिडोर पर व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इससे ट्रैफिक की रफ्तार बढ़ने के साथ प्रदूषण और ईंधन की खपत कम होने की उम्मीद है। यह पहल एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की ओर से दिए गए प्रस्ताव के बाद आगे बढ़ी है।

गुरु हनुमान सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव अतुल रंजीत ने जून में दिल्ली ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए यू-टर्न आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया था। प्रस्ताव में कहा गया कि इस मॉडल से वाहनों की अनावश्यक रुकावट कम होगी और लोगों का समय, ईंधन तथा ऊर्जा की बचत होगी।
Delhi Signal-Free Corridor
प्रस्तावित कॉरिडोर में द्वारका मोड़ से महरौली-गुड़गांव रोड तक का मार्ग भी शामिल है, जहां पहले विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा लाल किला सर्किट, पटेल रोड से राजीव चौक, महाराजा नाहर सिंह मार्ग, मथुरा रोड, आउटर रिंग रोड, बादली-बवाना रोड, ओखला, नेहरू प्लेस, चिराग दिल्ली, हौज खास, मुनिरका, आरके पुरम और यूईआर-1 से जुड़े कई प्रमुख मार्गों को भी सूची में शामिल किया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि मौजूदा सड़क ढांचे में जरूरी इंजीनियरिंग बदलाव कर यातायात को अधिक सुचारु बनाया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार, जहां भी यह मॉडल व्यावहारिक साबित होगा, वहां सिग्नल-फ्री व्यवस्था लागू करने पर काम किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक की निगरानी और संसाधनों की तैनाती भी लगातार मजबूत की जा रही है।
प्रदूषण पर भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि सिग्नल-फ्री कॉरिडोर बनने से वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ेगा। इससे ईंधन की खपत घटेगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जिससे लोगों का सफर पहले की तुलना में तेज और सुविधाजनक हो सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी 25 प्रस्तावित कॉरिडोर पर फिजिबिलिटी स्टडी कराई जाएगी। जिन स्थानों पर यह मॉडल तकनीकी और यातायात की दृष्टि से उपयुक्त पाया जाएगा, वहां चरणबद्ध तरीके से सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाना है।
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