MP Judge Threat: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली एडीजे तबस्सुम खान को कथित तौर पर कत्लेआम की धमकी मिलने के मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य के DGP और ACS (गृह) से तीन दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
MP Judge Threat: हाईकोर्ट बोला- फैसले से असहमति का मतलब जज को धमकी नहीं-
जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए धमकाया नहीं जा सकता क्योंकि उसका फैसला किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। अदालत ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश बताया।
MP Judge Threat: SCAORA ने जताई नाराजगी-
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी जज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियों की निंदा की। संगठन ने कहा कि किसी न्यायिक आदेश से असहमति होने पर कानूनी उपाय अपनाए जाने चाहिए, न कि जजों को धमकाया जाए।
MP Judge Threat: दिल्ली समेत दूसरे राज्यों से आए लोगों पर जांच-
पुलिस जांच में दिल्ली के दक्ष चौधरी और बृजबिहारी सरकार उर्फ अनिकेत शास्त्री के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि दोनों ने सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण दिए। पुलिस बाहरी राज्यों से आकर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
13 दिन बाद भी आरोपियों की पहचान नहीं-
एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने बताया कि मामला दर्ज हुए 13 दिन हो चुके हैं, लेकिन धमकी देने वाले आरोपियों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी दूसरे राज्यों के हो सकते हैं और उनकी तलाश जारी है।
150 सोशल मीडिया अकाउंट चिन्हित-
पुलिस ने बताया कि धमकी और भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वाले करीब 150 सोशल मीडिया अकाउंट चिन्हित किए गए हैं। आपत्तिजनक पोस्ट और लिंक हटवाए जा चुके हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम से इन अकाउंट्स की जानकारी मांगी गई है ताकि संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।
वायरल वीडियो में जज को दी गई धमकी-
फैसले के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोगों ने जज के खिलाफ आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणियां कीं। एक वीडियो में 10 दिन के भीतर दोषियों की रिहाई नहीं होने पर देश-प्रदेश में कत्लेआम की धमकी दी गई, जबकि दूसरे वीडियो में जज के धर्म को लेकर टिप्पणी करते हुए उन्हें धमकाया गया।
दो अज्ञात लोगों पर केस दर्ज-
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
क्या है पूरा मामला-
यह मामला 3 अगस्त 2022 का है। सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास मवेशियों से भरे ट्रक को रोककर भीड़ ने ट्रक में सवार लोगों के साथ मारपीट की थी। इस हमले में नाजिर अहमद की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोग घायल हुए थे। घटना का वीडियो भी सामने आया था। करीब तीन साल तक चली सुनवाई के बाद 12 जून 2026 को अदालत ने 14 आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और रास्ता रोकने समेत विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
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