Pakistan Crisis: सिंगापुर के पूर्व शीर्ष राजनयिक और विदेश मंत्रालय के पूर्व स्थायी सचिव बिलाहरी कौसिकन ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था और सेना पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आज विफलता की कगार पर खड़ा है और इसकी सबसे बड़ी वजह देश का खराब नेतृत्व और लंबे समय से चला आ रहा कुप्रबंधन है।
‘भौगोलिक स्थिति नहीं, नेतृत्व जिम्मेदार’
एक वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कौसिकन ने कहा कि पाकिस्तान अपनी समस्याओं के लिए भारत और अफगानिस्तान से लगी सीमाओं को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता। उनके मुताबिक, हर समस्या के लिए भूगोल को दोष देना केवल एक बहाना है।
Pakistan Crisis: 1991 विमान अपहरण का सुनाया किस्सा
अपने बयान के समर्थन में कौसिकन ने 26 मार्च 1991 को हुए सिंगापुर एयरलाइंस विमान अपहरण की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि चार पाकिस्तानी आतंकवादियों ने विमान का अपहरण कर लिया था और वे तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो से बात करना चाहते थे।
कौसिकन के अनुसार, काफी प्रयासों के बाद जब रात करीब तीन बजे भुट्टो के आवास पर संपर्क हुआ, तो जवाब मिला कि “मैडम सो रही हैं, उन्हें परेशान नहीं किया जा सकता।” इसके बाद फोन काट दिया गया।
Pakistan Crisis: कमांडो ऑपरेशन में मारे गए सभी अपहरणकर्ता
बातचीत विफल होने के बाद सिंगापुर के कमांडो ने विमान में ऑपरेशन चलाकर सभी चार आतंकवादियों को मार गिराया और सभी यात्रियों व क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। कौसिकन ने कहा कि यह घटना उस समय पाकिस्तान की सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दिखाती है।
‘राजनेता और सेना दोनों जिम्मेदार’
कौसिकन ने कहा कि पाकिस्तान की बदहाली के लिए केवल राजनीतिक नेतृत्व ही नहीं, बल्कि सेना भी बराबर की जिम्मेदार है। उनके अनुसार, देश की शुरुआत से ही शासन व्यवस्था का गंभीर कुप्रबंधन हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इस समस्या को दूर करने में विफल रहे हैं।
कट्टरपंथ पर भी जताई चिंता
पूर्व राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान चरमपंथी और जिहादी संगठनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं कर सका। यही वजह है कि देश आज आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।
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