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सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट विवाद में बड़ा अपडेट! 25 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट सुनाएगा अहम फैसला?

SONIA GANDHI NEWS: कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी से जुड़े कथित वोटर लिस्ट विवाद मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में शनिवार को सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 25 जुलाई को अंतिम सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान सोनिया गांधी की ओर से उनके वकील ने अदालत में अपनी लिखित दलीलें दाखिल कीं। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों पक्षों को लिखित तर्क प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

याचिका में क्या हैं आरोप?

अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दाखिल पुनरीक्षण (रिवीजन) याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी ने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी, जबकि उनका नाम वर्ष 1980 की नई दिल्ली मतदाता सूची में दर्ज था। याचिका में सवाल उठाया गया है कि भारतीय नागरिकता मिलने से पहले उनका नाम मतदाता सूची में किस आधार पर शामिल किया गया।

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 1982 में उनका नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया गया और यदि 1983 में नागरिकता मिली थी, तो 1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। याचिका में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई है।

SONIA GANDHI NEWS: पहले कोर्ट ने खारिज की थी एफआईआर की मांग

इससे पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली शिकायत को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनावी मामलों में न्यायपालिका का हस्तक्षेप सीमित है और चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र वाले मामलों में अदालत सीधे जांच का आदेश नहीं दे सकती।हालांकि, 9 दिसंबर 2025 को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) विशाल गोगने ने पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई स्वीकार करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था।

सोनिया गांधी ने आरोपों को बताया राजनीतिक

सोनिया गांधी ने अपने जवाब में अदालत से कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित, निराधार और भ्रामक तथ्यों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता से जुड़े मुद्दे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जबकि मतदाता सूची से संबंधित विवाद चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का विषय है।

उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि जालसाजी या धोखाधड़ी के आरोपों के समर्थन में कोई विश्वसनीय दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है और यह पूरी कार्यवाही कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अब इस बहुचर्चित मामले में 25 जुलाई को राऊज एवेन्यू कोर्ट अंतिम सुनवाई करेगा, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं।

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