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सोनभद्र में 50 एकड़ में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र, युवाओं को मिलेगा रोजगार का बड़ा अवसर

Sonbhadra Industrial Area:

Sonbhadra Industrial Area: देश में सर्वाधिक बिजली उत्पादन करने वाले जनपद सोनभद्र के मारकुंडी क्षेत्र में 50 एकड़ में नया औद्योगिक विकास क्षेत्र विकसित किया जाएगा। इस परियोजना का नाम सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र रखा गया है। जिला प्रशासन ने इसके लिए भूमि का चयन कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा।

Sonbhadra Industrial Area: 16 करोड़ रुपये से बनेगी संपर्क सड़क-

औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए गुरमा मोड़ से यहां तक करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से सड़क बनाई जाएगी। इससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और उद्योगों की स्थापना में आसानी होगी।

Sonbhadra Industrial Area: युवाओं को प्रशिक्षण के साथ मिलेगा रोजगार-

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य युवाओं को एक ही मंच पर प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। यहां आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटैलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को इसी औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की योजना है।

एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगा बढ़ावा-

डीएम के अनुसार इस परियोजना से स्थानीय एमएसएमई, स्टार्टअप और नए उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे जिले में निवेश बढ़ेगा, नए रोजगार सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर होगा विकास-

औद्योगिक क्षेत्र को प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर नीति के तहत विकसित किया जाएगा। यहां बिजली, पानी, सड़क, सीवरेज और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। उद्यमियों के लिए तैयार फैक्ट्री शेड भी बनाए जाएंगे, ताकि वे मशीनें स्थापित कर तुरंत उत्पादन शुरू कर सकें।

पूर्वांचल और विंध्य का औद्योगिक हब बनेगा सोनभद्र-

जिला प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना सोनभद्र को पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के प्रमुख औद्योगिक, कौशल विकास और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। साथ ही युवाओं का पलायन रुकेगा और जिले की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

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