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जंतर-मंतर पर फीका रहा अभिजीत दीपके का प्रदर्शन बोले- सभी अनशन पर बैठेंगे तो आंदोलन कौन चलाएगा?

NEET Paper Leak Protest: जंतर-मंतर पर फीका रहा अभिजीत दीपके का प्रदर्शन बोले- सभी अनशन पर बैठेंगे तो आंदोलन कौन चलाएगा?

NEET Paper Leak Protest: NEET पेपर लीक मामले को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर चर्चा में रहने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने छात्रों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे भूख हड़ताल पर न बैठें और अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें।

‘यह लंबी लड़ाई है, इसलिए स्वस्थ रहना जरूरी’

एक यूट्यूब चैनल से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों और समर्थकों से अनुरोध किया है कि वे अनशन करने के बजाय आंदोलन को मजबूत बनाने पर ध्यान दें। उनके अनुसार, यदि सभी लोग भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे तो प्रदर्शन की व्यवस्था, समन्वय और आगे की रणनीति कौन संभालेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष लंबा चल सकता है, इसलिए आंदोलन से जुड़े लोगों का स्वस्थ और सक्रिय रहना बेहद जरूरी है।

दीपके ने सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस मामले को गंभीरता से लिया जाता तो बच्चों की मौत और पेपर लीक जैसे मामलों के सामने आने के तुरंत बाद प्रभावी कार्रवाई हो चुकी होती। उनका कहना था कि अब आंदोलन को मजबूती से जारी रखने के लिए संयम और धैर्य दोनों की आवश्यकता है।

NEET Paper Leak Protest: ‘सोनम वांगचुक को अनशन का अनुभव है’

अभिजीत दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लंबे समय तक अनशन करने का अनुभव है और वे अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। वहीं छात्रों के बारे में उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उनकी सेहत सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने दोहराया कि छात्रों को अपनी ऊर्जा आंदोलन को आगे बढ़ाने, लोगों को जागरूक करने और संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने में लगानी चाहिए।

NEET Paper Leak Protest: लगातार नौ दिनों से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक

सोनम वांगचुक पिछले नौ दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान उनके वजन में भी तेजी से कमी आई है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अनशन जारी रखा है। उनके साथ कुछ छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, हालांकि आंदोलन से जुड़े कई लोग उन्हें लगातार अनशन समाप्त करने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।

प्रतीकात्मक उपवास की भी कर चुके हैं अपील

कुछ दिन पहले सोनम वांगचुक ने आंदोलन में शामिल लोगों से कम से कम एक दिन का प्रतीकात्मक उपवास रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जब कुछ लोग अनशन पर हैं, तब अन्य लोगों को भी आंदोलन के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उनका मानना था कि एक दिन का उपवास न केवल आंदोलन के प्रति एकजुटता का संदेश देगा, बल्कि भोजन की व्यवस्था पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत से ज्यादा भोजन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक नहीं होता और संयमित जीवनशैली अपनाना हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। उनके अनुसार, आंदोलन केवल विरोध का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश देता है।

NEET Paper Leak Protest: आंदोलन जारी, छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

जंतर-मंतर पर जारी इस प्रदर्शन के बीच आंदोलनकारी शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं अभिजीत दीपके और अन्य प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए केवल विरोध प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि आंदोलन में शामिल प्रत्येक व्यक्ति का स्वस्थ और सक्रिय रहना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे में छात्रों से लगातार अपील की जा रही है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और आंदोलन को लंबे समय तक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं।