Mathura News: जिला मथुरा की विधानसभा मांट से भाजपा विधायक राजेश चौधरी को हाल ही में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने उपरांत कुछ ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं ये जिम्मेदारी आगामी विधानसभा चुनावों में टिकट कटने के संकेत तो नहीं हैं? विधायक राजेश चौधरी को संगठन की तरफ ले जाना भी एक कारण इसलिए भी हो सकता है कि मांट जाट बाहुल्य होने की वजह से यह सीट विधानसभा चुनावों में रालोद के खाते में भी जा सकती है। यह क्योंकि यहां से पहले रालोद मुखिया जयंत चौधरी विधायक रह चुके हैं।
क्या कारण हो सकते हैं?
खबर इंडिया के एक सर्वे के अनुसार विधायक राजेश चौधरी की पकड़ संगठन में बेसक मजबूत हो लेकिन जनता के बीच विधायक रहते हुए अपनी लोकप्रियता नहीं बढ़ा पाये। सर्वे में सामने आया कि संगठन के कार्य को राजेश चौधरी बेहतरी के साथ कर सकते हैं। शायद इसीलिए उन्हें अब प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी मिली है और भविष्य में केंद्र की तरफ भी बढ़ जायें। दूसरी पहलू यह भी है कि अगर यह सीट रालोद के खाते में जाती है तो जाट समाज से ताल्लुक रखने वाले चौधरी परिवार के बेहद करीबी, वर्तमान में विधान परिषद सदस्य योगेश नौहवार पर रालोद दांव खेल सकती है। हालांकि ऐसी चर्चाऐं पहली बार जनता के बीच में नहीं हैं। यह रालोद के गठबंधन होने के बाद से ही कयास लगते रहे हैं।
Mathura News: रालोद व भाजपा के बीच मांट में कैसा है तालमेल?
विधानसभा में मांट में सर्वे के दौरान एक बात यह भी निकलकर आयी कि भाजपा व रालोद के कार्यकर्ता खुलकर कुछ न कह पाते हों लेकिन दोनों के विचारों में तालमेल नहीं बैठता और न ही दोनों दलों के नेता विधानसभा में तालमेल बैठाने का प्रयास करते हैं। मांट विधानसभा जाट बाहुल्य होने के नाते रालोद की पकड़ मजबूत है और यहां कि जनता आगामी चुनावों में रालोद का विधायक व प्रदेश में आदित्यनाथ योगी को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है। यही कारण हो कि विधानसभा में दोनों दलों के जनप्रतिनिधियों के बीच चल रहे मनभेद को मिटाने के लिए एनडीए गठबंधन इस सीट को रालोद के खाते में देने का निर्णय न कर ले।
जानकारी के अनुसार योगेश नौहवार व राजेश चौधरी के बीच भी अंदरूनी खींचतान चलती रहती है। और कभी-कभी देखने को भी मिलती है। लोगों का कहना यह भी है कि जब दोनों दलों में गठबंधन है तो यह खुद प्रतिष्ठा का सवाल क्यों बनाते हैं आपसमें सामंजस्य क्यों नहीं बैठाते? यह देखना होगा कि भविष्य में क्या होता है लेकिन राजेश को मिली प्रदेश की जिम्मेदारी से संकेत हैं कि अब मांट ही नहीं पूरी यूपी में भाजपा को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ाया गया है।
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