DATIA BY ELECTION: दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध तेज हो गया। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने सुरक्षा के लिए दतिया में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
धारा 163 के तहत क्या-क्या प्रतिबंध?
धारा 163 लागू होने के बाद बिना प्रशासन की अनुमति किसी भी तरह की जनसभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने और पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर इकट्ठा होने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की अपील
भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन से बचने की अपील की। यह अपील भाजपा द्वारा दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए उन्हें टिकट नहीं दिए जाने के बाद आई।पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी के फैसले का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि विरोध जताने के लिए पेट्रोल या केरोसिन डालने जैसे अतिवादी कदम बिल्कुल न उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई असहमति है तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाना चाहिए, न कि इस तरह विरोध करके।

12 घंटे तक चला चक्काजाम
शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ चक्काजाम शनिवार सुबह लगभग 5 बजे तक चलता रहा। करीब 12 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 15 से 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इसके बाद कलेक्टर ने धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया और बिना अनुमति किसी भी सभा या जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रशासन के मुताबिक पथराव में पुलिस अधीक्षक (एसपी), भांडेर के एसडीओपी सहित कुल 8 पुलिसकर्मी घायल हो गए।स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद अधिकांश प्रदर्शनकारी पास स्थित भाजपा कार्यालय की ओर चले गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।
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