Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए आतंकी हमले के मामले में बड़ा कानूनी एक्शन लिया गया है। इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह वारंट एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की याचिका पर जम्मू की अदालत ने जारी किया। एनआईए ने अपनी याचिका में हाफिज सईद को पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। इस हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी।
भगोड़ा घोषित करने की तैयारी
एनआईए ने 10 जुलाई को दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को इस मामले में आरोपी बनाया है। अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब उसके खिलाफ गैरमौजूदगी में मुकदमा (Trial in Absentia) चलाने का रास्ता साफ हो गया है। एनआईए ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद इस समय पाकिस्तान में है और फिलहाल उसे भारत लाना संभव नहीं है। नए आपराधिक कानूनों के तहत फरार आरोपियों के खिलाफ उनकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमा चलाया जा सकता है। अब उसे भगोड़ा घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

पाकिस्तान में बनी थी हमले की साजिश
एनआईए की जांच के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी और इसमें हाफिज सईद की अहम भूमिका रही। जांच एजेंसी का कहना है कि पाकिस्तान से उसके प्रत्यर्पण की लगभग सभी कानूनी संभावनाएं खत्म हो चुकी हैं।एनआईए की पहली चार्जशीट में तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी को आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी आतंकी साजिद सैफुल्ला जट्ट का नाम भी चार्जशीट में शामिल है। वहीं, पहलगाम के रहने वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला किया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। हमले की सबसे दर्दनाक बात यह थी कि आतंकियों ने पहले लोगों से उनका धर्म पूछा और उसके बाद उनकी हत्या कर दी।
हमले के बाद भारत का जवाब
इस आतंकी हमले के बाद पूरे देश में भारी आक्रोश देखने को मिला। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम से सैन्य अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद सैन्य ठिकानों और आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया।इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ समेत कुल नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया। इसके अलावा पाकिस्तान के करीब एक दर्जन एयरबेस को भी नष्ट कर दिया गया।
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