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योगी राज में STF का ऑपरेशन क्लीन जारी: 1 लाख का इनामी मुस्तफिजुल रहमान ढेर, दो दशक के अपराध का हुआ अंत

योगी राज में STF का ऑपरेशन क्लीन जारी: 1 लाख का इनामी मुस्तफिजुल रहमान ढेर, दो दशक के अपराध का हुआ अंत

Gorakhpur STF Encounter: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति के बीच एक बार फिर यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी सफलता हासिल की है। गोरखपुर में संयुक्त अभियान चलाते हुए एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। लंबे समय से फरार चल रहा यह अपराधी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और कई संगीन मामलों में वांछित इस बदमाश का आखिरकार अपराध का सफर एसटीएफ की कार्रवाई के साथ खत्म हो गया।

Gorakhpur STF Encounter: घेराबंदी होते ही बदमाश ने खोला मोर्चा, STF ने दिया करारा जवाब

सूत्रों के अनुसार, यूपी एसटीएफ की लखनऊ और गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल रहमान गोरखपुर के रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के आसपास मौजूद है। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। एसटीएफ ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुस्तफिजुल रहमान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान बदमाश की गोली लगने से एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है।मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुन्दनपुर गांव का निवासी था। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, धमकी और अन्य गंभीर अपराधों के दस से अधिक मुकदमे दर्ज थे। लगातार फरार रहने और पुलिस गिरफ्त से बचने के कारण उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। कई राज्यों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

Gorakhpur STF Encounter: महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत से भी फरार हो चुका था बदमाश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, दिसंबर 2024 में मुस्तफिजुल रहमान महाराष्ट्र के अमरावती जिले में पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इसके बाद वह लगातार अपने ठिकाने बदलकर कानून की पकड़ से बचता रहा। उत्तर प्रदेश पुलिस और महाराष्ट्र पुलिस उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थीं। आखिरकार गोरखपुर में मिले सटीक इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने उसे घेर लिया और मुठभेड़ में उसका अंत कर दिया।

दो दशक तक अपराध की दुनिया में रहा सक्रिय

मुस्तफिजुल रहमान का आपराधिक इतिहास करीब बीस साल पुराना बताया जाता है। उसके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2003 में चोरी का दर्ज हुआ था। इसके बाद हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी और अन्य संगीन अपराधों में उसका नाम लगातार सामने आता रहा। कई मामलों में अदालत ने उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। पिछले कुछ वर्षों में भी उसके खिलाफ नए मुकदमे दर्ज हुए और वह पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हो गया।

योगी सरकार की अपराधियों को सख्त चेतावनी

गोरखपुर में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह संदेश देती है कि उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और इनामी बदमाशों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। एसटीएफ की इस सफलता को अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से कानून को चुनौती देने वाला मुस्तफिजुल रहमान आखिरकार पुलिस की कार्रवाई में मारा गया और उसके साथ ही दो दशक पुराने आपराधिक अध्याय का अंत हो गया।

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