Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को संभल जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे लगभग ₹550 करोड़ की लागत वाली विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण ₹300 करोड़ की लागत से विकसित होने वाला 52 किलोमीटर लंबा 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग और वंदन योजना के तहत चार प्रमुख तीर्थ स्थलों के विकास कार्यों की भी शुरुआत होगी। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं से संभल की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई दिशा मिलेगी।
52 किलोमीटर लंबे 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
संभल का 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से जिले के 68 पौराणिक तीर्थों की परिक्रमा करते हैं। अब इस पूरे 52 किलोमीटर लंबे मार्ग का लगभग ₹300 करोड़ की लागत से व्यापक विकास कराया जाएगा। लंबे समय से श्रद्धालुओं को कच्चे और जर्जर रास्तों से होकर यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन परियोजना पूरी होने के बाद मार्ग आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इससे श्रद्धालुओं की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बन सकेगी।
Uttar Pradesh:पुरानी घोषणा को मिलेगा नया आयाम
यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार 7 अगस्त 2025 को संभल पहुंचे थे। उसी दौरान उन्होंने जिले के 68 तीर्थों और 19 प्राचीन कूपों के संरक्षण एवं विकास की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि संभल की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उनकी घोषणा के बाद कई स्थलों पर जीर्णोद्धार और विकास कार्य शुरू हुए, जिन्हें अब नई गति मिलने जा रही है।
Uttar Pradesh: चार प्रमुख तीर्थ स्थलों पर शुरू होंगे विकास कार्य
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पर्यटन विभाग और वंदन योजना के तहत संभल के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विकास कार्यों का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था और पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पहले से चल रही कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे जिले के धार्मिक स्थलों का स्वरूप और अधिक आकर्षक बन सके।प्रदेश सरकार का लक्ष्य संभल को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल करना है। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, विश्राम स्थल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।
धार्मिक विरासत को नई पहचान देने की तैयारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि संभल की पौराणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत प्रदेश की अमूल्य धरोहर है। इसी सोच के अनुरूप सरकार जिले के प्राचीन तीर्थों के संरक्षण और विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संभल की पहचान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
Uttar Pradesh: धार्मिक विकास पर सबसे बड़ा निवेश
करीब ₹550 करोड़ की इन परियोजनाओं में ₹400 करोड़ से अधिक की राशि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों के विकास पर खर्च की जाएगी। इसमें 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन से जुड़ी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। माना जा रहा है कि यह निवेश संभल के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और जिले की धार्मिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।








