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14.5 करोड़ की बैंक डकैती का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, लूट के पैसों से खरीदे ट्रक-लग्जरी कारें; पत्नी को दिलाई 5 हजार की नौकरी

Jabalpur Bank Robbery:

Jabalpur Bank Robbery: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में हुई 14.5 करोड़ रुपये की बैंक डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच में उसकी अवैध कमाई और निवेश से जुड़े कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस अब आरोपी की संपत्तियों, आर्थिक लेन-देन और रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की जांच कर रही है।

डकैती के पैसों से खरीदे ट्रक और लग्जरी कारें

पुलिस के मुताबिक, सुनील पासवान ने बैंक डकैती से मिली रकम को निवेश कर चार से अधिक ट्रक और दो लग्जरी कारें खरीदीं। उसने अपनी फर्म बनाकर कोल माइंस में वाहन संचालित किए। ये वाहन रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे गए थे, जबकि टैक्स और जीएसटी का भुगतान वह खुद करता था।

Jabalpur Bank Robbery: पत्नी को दिलाई मामूली नौकरी

जांच में सामने आया कि करोड़ों रुपये की अवैध कमाई के बावजूद आरोपी ने अपनी पत्नी को धनबाद के एक बुटीक में 5 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी दिलवाई थी। पुलिस का दावा है कि यह व्यवस्था केवल संदेह से बचने के लिए की गई थी, जबकि वह हर महीने परिवार को 50 हजार से 1 लाख रुपये तक भेजता था।

Jabalpur Bank Robbery: 18 मिनट में हुई थी 14.5 करोड़ की डकैती

11 अगस्त 2025 को जबलपुर के सिहोरा स्थित ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच हथियारबंद बदमाशों ने महज 18 मिनट में करीब 14.5 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और 5 लाख रुपये नकद लूट लिया था। यह जबलपुर की सबसे बड़ी बैंक डकैतियों में से एक मानी जाती है।

11 महीने बाद बिहार से गिरफ्तारी

वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान 11 महीने तक फरार रहा। उस पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

16 जुलाई 2026 को जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बिहार के नक्सल प्रभावित बांके बाजार क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के समय आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन घेराबंदी के कारण वह बच नहीं सका।

10 दिन की रेकी के बाद चुना बैंक

पुलिस के अनुसार, सुनील पासवान ने अपने साथियों के साथ सिहोरा की तीन बैंकों की रेकी की थी। ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया। गिरोह ने करीब 10 दिन तक इलाके की निगरानी की और मझौली में किराए का मकान लेकर वारदात की योजना बनाई।

हर चार दिन में बदलता था ठिकाना

पुलिस का कहना है कि सुनील पासवान बेहद शातिर अपराधी था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए हर चार दिन में ठिकाना बदलता था, की-पैड मोबाइल का इस्तेमाल करता था और समय-समय पर सिम बदल लेता था। पहचान छिपाने के लिए वह लग्जरी कार की बजाय बाइक से सफर करता था।

पहले भी कर चुका है करोड़ों की बैंक डकैती

पुलिस जांच में सामने आया है कि सुनील पासवान अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। वर्ष 2023 में उसने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब 5.62 करोड़ रुपये की डकैती को अंजाम दिया था। इसके अलावा बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी कई वारदातों में उसका नाम सामने आया है।

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