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10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर, संसद मार्च आज: मंजूरी नहीं, 5 हजार जवान तैनात; वांगचुक की 3 शर्तें

संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन

CJP Parliament March: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारी सोमवार को संसद मार्च निकालने की तैयारी में हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में जुट चुके हैं। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी थी, लेकिन बाद में पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनकी ओर से किसी भी तरह की हिंसा नहीं होगी और पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा, ताकि आंदोलन की छवि खराब न हो।

वांगचुक ने रखीं 3 शर्तें

23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी शर्त के तहत CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने दिया जाए और सांसद भरोसा दें कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे। तीसरी शर्त यह है कि अगर स्वास्थ्य कारणों से वे संसद नहीं जा सकते, तो विभिन्न दलों के सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर यही आश्वासन दें।

रातभर बढ़ती रही भीड़

रविवार रात 8:30 बजे से ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों का पहुंचना शुरू हो गया था। रात 11 बजे तक यहां अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुट गई। रात 12 बजे भीड़ और बढ़ी तो सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई। रात 2:30 बजे पुलिस ने एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग कर दी। रात 3 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सोमवार सुबह करीब 5:15 बजे प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए।

आज के बड़े अपडेट

करीब 10 हजार लोग जंतर-मंतर और उसके आसपास मौजूद हैं। पुलिस ने एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर तीन लेयर की बैरिकेडिंग की है। जहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े थे, वहां पुलिस ने दोबारा बैरिकेड लगा दिए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए RAF और दिल्ली पुलिस की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। वहीं CJP के मंच से लगातार शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की जा रही है।

CJP Parliament March: संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन
संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन
अभिजीत दिपके की अपील

CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उनका संगठन पिछले एक महीने से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने इस आंदोलन के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी है। इसलिए किसी भी कीमत पर आंदोलन को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा और सभी प्रदर्शनकारी अनुशासन बनाए रखें।

बिना अनुमति मार्च पर क्या है नियम?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार देता है, लेकिन किसी भी रैली, जुलूस या मार्च के लिए प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी होता है। प्रशासन कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए अनुमति देता है और नियम तय करता है। यदि बिना अनुमति मार्च निकाला जाता है, तो पुलिस उसे रोक सकती है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी कर सकती है।

किन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई

बिना अनुमति मार्च निकालने या कानून-व्यवस्था भंग करने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सरकारी आदेश का उल्लंघन, धारा 189 के तहत गैरकानूनी जमावड़ा, धारा 190 के तहत समूह की जिम्मेदारी, धारा 191 के तहत दंगा और धारा 221 के तहत सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में कार्रवाई हो सकती है। यदि प्रदर्शन के दौरान सरकारी या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण कानून (PDPP Act) के तहत भी मामला दर्ज किया जा सकता है।

दिल्ली में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) लागू है, जिसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक है। हालांकि, पहले से अनुमति मिलने पर जंतर-मंतर पर छूट दी गई है। जंतर-मंतर पर तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। संसद, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस, शंकर चौक और अन्य संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली, मध्य दिल्ली और उत्तर दिल्ली के कई रास्तों पर मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है। सभी वाहनों की जांच की जा रही है, अतिरिक्त पुलिस पिकेट लगाए गए हैं और रिजर्व फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में 24 घंटे CCTV निगरानी और लगातार गश्त की जा रही है। रैपिड रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि बिना अनुमति ‘चलो संसद’ मार्च को संसद क्षेत्र की ओर नहीं जाने दिया जाएगा।

वांगचुक का सोशल मीडिया पोस्ट

सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि वे 20 जुलाई को तभी अपना अनशन खत्म करेंगे, जब उनकी तीन में से कोई एक शर्त पूरी होगी। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने और पेपर लीक के मामलों पर जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे संसद नहीं जा पाए, तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें भरोसा दें कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा। वांगचुक ने आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से रखा गया है और उनकी आवाजाही तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई है।

सुबह बैरिकेडिंग तोड़ी

सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की तीन लेयर बैरिकेडिंग तोड़ दी, जिससे कुछ समय के लिए जंतर-मंतर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस जब दोबारा बैरिकेड लगाने लगी तो प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और विरोध करने लगे। कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच तनातनी रही, लेकिन बाद में पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति सामान्य कर दी।

5 हजार से ज्यादा जवान तैनात

संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली में 5 हजार से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए हैं। नई दिल्ली जिले को 15 जोन में बांटा गया है और स्पेशल CP, जॉइंट CP तथा DCP स्तर के अधिकारी खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। विजय चौक, संसद मार्ग, प्रधानमंत्री आवास, गृह मंत्री आवास और राष्ट्रपति भवन समेत कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सभी प्रमुख रास्तों पर कड़ी बैरिकेडिंग, सघन जांच, वाटर कैनन, वज्र वाहन और दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट भी बंद किए जा सकते हैं। अस्पतालों और बीजेपी मुख्यालय की सुरक्षा भी हाई अलर्ट पर रखी गई है।

संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन
संसद मार्च से पहले CJP का प्रदर्शन
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक भूख हड़ताल के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाना जरूरी था और यह फैसला मनमाना नहीं था। कोर्ट ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और उनकी सहमति के अनुसार ही इलाज दिया जा रहा है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

CJP का आंदोलन क्यों?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 जून से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। संगठन की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन में शामिल हुए थे। CJP का गठन उस टिप्पणी के बाद किया गया था, जिसमें चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी।

वांगचुक का संदेश

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने रविवार को संदेश जारी कर सोमवार के संसद मार्च को “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” बताया। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। X पर उन्होंने लिखा कि यह आंदोलन पेपर लीक जैसे अन्याय और डर के माहौल से आजादी के लिए है। उन्होंने दावा किया कि यह संदेश उनकी कथित अवैध हिरासत के दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि के माध्यम से भेजा गया। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल लेकर गई थी और अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनकी भूख हड़ताल जारी है।

मनीष सिसोदिया का समर्थन

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने CJP के संसद मार्च का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह मार्च किसी एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि वे भी शिक्षा क्रांति के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचेंगे।

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