New Delhi: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन और संसद मार्च चल रहा है। इसके चलते स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कुछ प्रदर्शनकारियों के संसद के करीब पहुंच जाने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। अब विपक्ष भी इस आंदोलन में कूद पड़ा है। कांग्रेस ने जहां सदन में इस मुद्दे को उठाया, वहीं समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता डिंपल यादव के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर पहुंचे।
लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताया
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष सदन में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोपों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण देने की मांग की।
New Delhi: जवाबदेही तय की जानी चाहिए
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए, ताकि संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकें। उनके अनुसार, यदि सरकार चर्चा की अनुमति देती है तो सदन सुचारु रूप से चल सकता है।
New Delhi: सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई महीनों से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत नीट परीक्षा का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की केवल यही मांग है कि इन विषयों पर संसद में चर्चा कराई जाए।
थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि लोकतंत्र में संसद का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस करना है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत है, इसलिए उसे चर्चा से नहीं डरना चाहिए।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर चिंता जताते हुए थरूर ने कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो बल प्रयोग की आवश्यकता समझ से परे है और यह बेहद दुखद घटना है।
डिंपल यादव ने संभाला सपा का मोर्चा
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।








