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भोपाल में इंजेक्शन से नशा करने वाले युवक की मौत, OST दवा के दुरुपयोग से ओवरडोज की आशंका

Bhopal News:

Bhopal News: भोपाल के कोलार इलाके में इंजेक्शन के जरिए नशा करने वाले एक युवक की संदिग्ध ओवरडोज से मौत हो गई। युवक नशा मुक्ति के लिए दी जाने वाली ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) की दवा में Avil मिलाकर इंजेक्शन लगाता था। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

Bhopal News: मैदान में मिला युवक का शव-

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान ओम नगर निवासी अक्षय काकोड़िया के रूप में हुई है। रविवार रात वह घर के पास मैदान में नशा करने के बाद वहीं सो गया। सोमवार सुबह काफी देर तक नहीं उठने पर स्थानीय लोगों ने परिजनों को सूचना दी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Bhopal News: OST दवा में Avil मिलाकर लगाता था इंजेक्शन-

मृतक के भाई दीपक काकोड़िया का दावा है कि अक्षय पिछले छह महीने से नशे का आदी था। वह OST की गोली में Avil मिलाकर घोल तैयार करता और उसे इंजेक्शन के जरिए शरीर में लेता था। आशंका है कि इसी मिश्रण के ओवरडोज से उसकी मौत हुई।

जेल से लौटने के बाद शुरू किया दवा का दुरुपयोग-

परिजनों के मुताबिक, हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल के दौरान अक्षय को नशा छुड़ाने के लिए OST दवा दी गई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने उसी दवा का नशे के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

घटनास्थल से सिरिंज और दवाएं बरामद-

परिजनों ने बताया कि घटनास्थल से इंजेक्शन की सिरिंज और Avil की गोलियों का पत्ता मिला, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की जांच-

कोलार थाने के एसआई जोगेंदर नेगी ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मर्ग कायम किया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।

डॉक्टरों ने दी चेतावनी-

गांधी मेडिकल कॉलेज की मनोचिकित्सा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि सोनी ने बताया कि OST समेत किसी भी दवा का ओवरडोज जानलेवा हो सकता है। ऐसी दवाओं का सेवन केवल डॉक्टर की सलाह और निर्धारित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।

क्या है OST-

ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) हेरोइन और अन्य ओपिओइड नशे की लत से जूझ रहे लोगों को दी जाने वाली चिकित्सा पद्धति है। इसका उद्देश्य नशे की लत छुड़ाना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका उपयोग केवल चिकित्सकीय निगरानी में ही किया जाना चाहिए।

प्रदेश में चल रहा है नशा मुक्ति अभियान-

मध्य प्रदेश पुलिस इन दिनों “नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0” चला रही है। यह अभियान 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है

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