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जंतर-मंतर पर फिर जुटे प्रदर्शनकारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम: पथराव में 2 एसीपी समेत 4 पुलिसकर्मी घायल

जंतर-मंतर में बढ़ा सुरक्षा घेरा

Jantar Mantar Protest: नीट पेपर लीक के विरोध और देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर गुरुवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। इससे पहले बुधवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई, पथराव किया गया और पानी की बोतलें भी फेंकी गईं। दिनभर में दो बार टकराव की स्थिति बनी।

दो बार हुआ पथराव

बुधवार दोपहर करीब 4:30 बजे कुछ प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान पंजाबी बाग के एसीपी जयप्रकाश घायल हो गए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।इसके बाद रात करीब 8:30 बजे एनडीएमसी चौराहे और टालस्टॉय मार्ग के पास फिर से पथराव हुआ। कुछ पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और आरएएफ ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। करीब 10 मिनट में स्थिति पर काबू पा लिया गया। इस घटना में एसीपी विवेक भगत समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद पूरी रात जंतर-मंतर पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

केजरीवाल ने सरकार को दी चेतावनी

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो जारी कर सरकार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जिस तरह सुरक्षा बढ़ाई गई है, उससे लगता है कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने सरकार से ऐसा कदम न उठाने की अपील करते हुए कहा कि यह जेन-जी है और यह किसी से डरने वाली नहीं है।

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर में बढ़ा सुरक्षा घेरा
जंतर-मंतर में बढ़ा सुरक्षा घेरा
सुरक्षा बढ़ाई गई

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ की 20 कंपनियां दिल्ली बुला ली हैं। बुधवार सुबह से प्रदर्शन जंतर-मंतर से आगे बढ़कर संसद मार्ग और टालस्टॉय मार्ग तक पहुंच गया। एहतियात के तौर पर सुबह करीब 10:30 बजे जनपथ, कनॉट प्लेस और आसपास के 16 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ती रही।

संसद की ओर बढ़ी भीड़

बुधवार को संसद मार्ग और टालस्टॉय मार्ग पर करीब 30 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद थे। जब भीड़ संसद भवन की ओर बढ़ने लगी तो सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई।इसी दौरान सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ट्रक पर चढ़कर लोगों से शांत रहने और रुकने की अपील करते नजर आए। दूसरी ओर सुरक्षाबलों ने भी भीड़ को रोकने के लिए मोर्चा संभाल लिया, जिसके बाद स्थिति कुछ शांत हुई। इसके बाद सीजेपी समर्थक अशोक रोड और जनपथ की ओर बढ़ने लगे। एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर, टालस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग को बंद कर दिया गया। शाम करीब 6:30 बजे मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार दोबारा खोल दिए गए।

बातचीत पर सीजेपी का रुख

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि पुलिस की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर फिर से बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन पार्टी ने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार से बातचीत केवल जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर ही होगी।वहीं, सीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

राजनीतिक समर्थन बढ़ा

बुधवार को सीजेपी के मंच पर कई राजनीतिक नेताओं ने पहुंचकर प्रदर्शन का समर्थन किया। इनमें माकपा नेता वृंदा करात, समाजवादी पार्टी के अतुल प्रधान और महाराष्ट्र के शेतकारी संगठन के मनोज जरांगे पाटिल समेत कई अन्य नेता शामिल रहे।जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी मौजूद हैं, जो पिछले कई दिनों से वहीं डटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा सहित कई राज्यों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं। इस आंदोलन में युवाओं के साथ-साथ हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी देखने को मिल रही है।

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