Dementia Prevention: वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी WHO के अनुसार, डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन लाइफस्टाइल और माहौल में कुछ बदलाव करके इसके जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। WHO ने अपनी नई गाइडलाइंस में बताया है कि कैसे हम डिमेंशिया को रोक सकते हैं या इसे आने में देरी कर सकते हैं।
डिमेंशिया दिमाग से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसमें इंसान की याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता पर असर पड़ता है। दुनियाभर में करीब 5.7 करोड़ लोग डिमेंशिया से जूझ रहे हैं और हर साल लगभग 1 करोड़ नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत में भी स्थिति चिंताजनक है। एक स्टडी के मुताबिक, भारत में 60 साल से ज्यादा उम्र के लगभग 88 लाख लोग डिमेंशिया से पीड़ित हैं।
वायु प्रदूषण है बड़ा रिस्क फैक्टर
WHO ने अपनी रिपोर्ट में वायु प्रदूषण को डिमेंशिया का एक बड़ा कारण बताया है। लगातार प्रदूषित हवा में सांस लेने से दिमाग की सोचने और समझने की क्षमता कमजोर होती है। साल 2024 में आई लांसेट कमीशन की रिपोर्ट में भी कहा गया था कि प्रदूषण डिमेंशिया का जोखिम बढ़ाता है। इसलिए साफ हवा में रहना ब्रेन हेल्थ के लिए जरूरी है।

डिमेंशिया का रिस्क कैसे कम करें
WHO ने डिमेंशिया से बचाव के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी है। सबसे पहले शराब और तंबाकू का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। इसके साथ ही हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट लें, जिसमें हरी सब्जियां, फल, नट्स और साबुत अनाज शामिल हों। अकेले न रहें, लोगों से मिलते-जुलते रहें और दिमाग को एक्टिव रखने के लिए पढ़ना, पहेलियां सुलझाना या कोई नया हुनर सीखना जैसी एक्टिविटी करते रहें। रोजाना 30 मिनट की वॉक या एक्सरसाइज भी दिमाग को तेज रखने में मदद करती है।
विटामिन की गोलियां खुद से न लें
ब्रेन हेल्थ के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के ओमेगा-3 और विटामिन्स के सप्लीमेंट्स ले लेते हैं। लेकिन WHO का कहना है कि ऐसा करने से बचें। स्टडीज के अनुसार, ओमेगा-3 लेने से डिमेंशिया ठीक होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। इसलिए बिना वजह सप्लीमेंट्स लेने की जगह नेचुरल डाइट पर ध्यान दें।कुल मिलाकर WHO का संदेश साफ है। प्रदूषण कम करें, हेल्दी खाएं, एक्टिव रहें और दिमाग को बिजी रखें। थोड़े से बदलाव से हम डिमेंशिया के जोखिम को घटा सकते हैं और बढ़ती उम्र में भी याददाश्त को बेहतर रख सकते हैं।
Written by: Mansi Sharma








