Dehydration Symptoms: गर्म और उमस वाले मौसम में पसीना जरूरत से ज्यादा आता है। हालांकि, पसीना हमारे शरीर का खुद को ठंडा रखने का एक प्रोसेस है, लेकिन बिना हाइड्रेशन के ज्यादा पसीना आना शरीर में पानी की कमी कर सकता है। लेकिन इससे सिर्फ शरीर में पानी की कमी ही नहीं होती, बल्कि थकान होने के साथ दिल पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। आइए, नीरज कुमार से इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
डिहाइड्रेशन के नुकसान
अगर आपको ऐसा लगता है कि डिहाइड्रेशन से सिर्फ शरीर में पानी की कमी होती है, तो यह जानकारी अधूरी है। आइए, एक्सपर्ट से जानें कि इससे शरीर को और क्या नुकसान हो सकते हैं।
जरूरी मिनरल्स की कमी
जब पसीना निकलता है, तो इससे शरीर से पानी के साथ खास पोषक तत्व, जैसे- सोडियम और पोटेशियम भी बाहर निकल जाते हैं। ये पोषक तत्व दिल की धड़कन नियमित रखने, मांसपेशियों और नसों को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। ठीक से पानी न पीने की स्थिति में शरीर से ये मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, जिसका मतलब है कि दिल को पूरे शरीर में ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी होगी।

गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाए
ज्यादा प्यास लगना, मुंह का सूखना, यूरिन का गहरा पीला रंग, सिर दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और दिल की धड़कन का बढ़ना डिहाइड्रेशन के कुछ सामान्य संकेत हैं। इन लक्षणों को अगर अनदेखा किया जाए, तो इससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
आइए जानते हैं डिहाइड्रेशन से कैसे बचें।
शरीर में पानी की कमी से बचा जा सकता है। इसके लिए जब प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहना चाहिए।अगर आप ऐसा कोई काम करते हैं, जिसमें ज्यादा पसीना आता है या फिर एक्सरसाइज करते हैं, तो ओरल रिहाइड्रेशन सोल्यूशन और इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक समय-समय पर पीते रहने चाहिए।हल्के कपड़े पहनें और दोपहर में धूप के सीधे संपर्क में आने से बचें।खाने में ऐसी चीजें शामिल करें, जिनमें पानी की अच्छी-खासी मात्रा हो, जैसे- तरबूज, खीरा और संतरे।
Written by: Anushka








