Junaid Meet Akhilesh: दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के दौरान चर्चा में आए मोहम्मद जुनैद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। मुलाकात के बाद जुनैद ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर अखिलेश यादव के साथ एक वीडियो साझा किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ जुनैद ने लिखा कि आज मुलाक़ात हुई एक ऐसे रहनुमा से, जिनकी सोच में जनता और दिल में वतन बसता है। लम्हा छोटा था मगर यादगार बन गया, जब सामना अखिलेश यादव जी से हुआ।
आंदोलन के दौरान चर्चा में आए थे जुनैद
मोहम्मद जुनैद पहली बार उस समय सुर्खियों में आए थे, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए पानी, ब्रेड-पकौड़ा और अन्य जरूरी खाद्य सामग्री की व्यवस्था की थी। उनके इस प्रयास की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई थी। लेकिन आंदोलन के बाद जुनैद ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारियों की मदद करने के कारण उनके परिवार को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उनका दावा था कि उनके परिजनों से पूछताछ की गई और उन्हें परेशान किया गया।

हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया था। पुलिस का कहना था कि जुनैद के पिता को केवल सामान्य पूछताछ के लिए बुलाया गया था और पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी से जुड़े दावों को भी गलत बताया था।
Junaid Meet Akhilesh: कौन हैं मोहम्मद जुनैद?
मोहम्मद जुनैद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित नाहल गांव के निवासी हैं। उनके पिता किसान हैं। परिवार साधारण पृष्ठभूमि से जुड़ा है। जुनैद ने गाजियाबाद के सुंदरप कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की है। वह खुद को अधिवक्ता बताते हैं और न्यायिक सेवा परीक्षा सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। जुनैद के अनुसार, वह 6 जून को आयोजित छात्र प्रदर्शन में पहली बार जंतर-मंतर पहुंचे थे। 20 जून को परीक्षा देने के बाद जब वह दोबारा प्रदर्शन स्थल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि भीषण गर्मी के बीच छात्रों के लिए पानी और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके बाद उन्होंने अपने स्तर पर पानी और खाने की व्यवस्था शुरू की। बाद में कई अन्य लोग भी इस पहल से जुड़ गए, जिनमें बृजेश पांडे भी शामिल थे। इसी पहल के चलते मोहम्मद जुनैद छात्र आंदोलन का एक चर्चित चेहरा बनकर उभरे।








