Anti-Paper Leak Bill: संसद ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को अंतिम मंजूरी दे दी है। लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच ध्वनिमत से विधेयक पारित कर दिया। इसके साथ ही पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
अमित शाह ने क्या कहा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि यह कानून सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सबसे मजबूत निवारक साबित होगा। शाह ने कहा कि योग्यता आधारित व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ी सजा मिलेगी और यह कानून युवाओं के सपनों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
क्या हैं नए प्रावधान?
पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की जेल। 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान। संगठित अपराध या संगठित पेपर लीक गिरोह के मामलों में कम से कम 7 वर्ष की सजा। ऐसे मामलों में 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी गठबंधन के कई दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इसके बावजूद सरकार ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित करा लिया। इससे एक दिन पहले यह विधेयक लोकसभा से भी पारित हो चुका था।
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