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बिहार में शिक्षा सुधार पर बोले सम्राट चौधरी, एक व्यक्ति की बेईमानी से लीक हो जाता है पेपर, अब नई व्यवस्था शुरू

Samrat Choudhary: CM सम्राट की शिक्षा सुधार में बड़ी घोषणाएं

Samrat Choudhary: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई अहम कदमों का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को पटना के अधिवेशन भवन में शिक्षा विभाग की राज्यस्तरीय कार्यशाला और विचार-मंथन सत्र का उद्घाटन करते हुए चार बड़ी पहलों की घोषणा की। इनमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति, परीक्षा सुधार में AI और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल, छात्रों के लिए सहयोग शिविर और छात्र कल्याण के लिए समर्पित निदेशालय शामिल हैं।

एक व्यक्ति की बेईमानी से लीक हो जाता है पेपर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा प्रणाली की चुनौतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि आज तकनीक के दौर में यदि व्यवस्था से जुड़ा एक व्यक्ति भी अपनी ईमानदारी से समझौता करता है, तो प्रश्नपत्र बाजार में पहुंच सकता है। इससे पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि मैट्रिक, इंटरमीडिएट, कॉलेज परीक्षाओं के साथ BPSC और शिक्षक भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से आयोजित करना सरकार की प्राथमिकता है। युवाओं को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उनके साथ किसी तरह का धोखा हो रहा है।

Samrat Choudhary: परीक्षा सुधार में AI और तकनीक का इस्तेमाल

सरकार परीक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नया ढांचा तैयार करेगी। इसके तहत बोर्ड, प्रतियोगी परीक्षाओं और कक्षा स्तर के आकलन में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। परीक्षा सुधार समिति को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

स्कूल-कॉलेजों में लगाए जाएंगे सहयोग शिविर

मुख्यमंत्री ने छात्रों से सीधे संवाद के लिए राज्यभर के स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सहयोग शिविर आयोजित करने की घोषणा की। इनमें मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी छात्रों से बातचीत करेंगे। छात्रों की समस्याओं और सुझावों को सहयोग पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। यदि किसी समस्या का समाधान 30 दिनों के भीतर नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री स्तर पर हर महीने विशेष सहयोग कैंप आयोजित किया जाएगा।

Samrat Choudhary: छात्र कल्याण के लिए बनेगा समर्पित निदेशालय

सरकार ने छात्र कल्याण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए संबंधित विभागों के तहत नए निदेशालय स्थापित करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने और छात्रों के सीखने के परिणामों में लगातार सुधार के लिए राज्यस्तरीय विशेष समिति बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं को शिक्षा व्यवस्था में भरोसा दिलाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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