RG Kar Case: पश्चिम बंगाल में 2024 के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की जूनियर डॉक्टर दुष्कर्म-हत्या मामले में जांच का दायरा एक बार फिर बढ़ गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पानीहाटी श्मशान घाट पर हुए अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम की नए सिरे से जांच कराने का आदेश दिया है। यह जांच अदालत की निगरानी में चल रही सीबीआई जांच से अलग होगी।
अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पर उठे थे सवाल
9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल से महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। घटना के बाद शव के पोस्टमार्टम, पंचनामा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर पीड़िता के परिवार और डॉक्टरों ने सवाल उठाए थे। आरोप लगाया गया था कि पानीहाटी स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार जल्दबाजी में कराया गया। इन्हीं आरोपों की पृष्ठभूमि में अब अंतिम संस्कार से जुड़े पूरे घटनाक्रम की दोबारा पड़ताल होगी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी मई 2026 में सीबीआई की विशेष जांच टीम को घटना से लेकर अंतिम संस्कार तक की परिस्थितियों की जांच का निर्देश दिया था।
RG Kar Case: तीन लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्मशान घाट पर मौजूद रहे निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए। जांच बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के मौजूदा पुलिस आयुक्त की निगरानी में होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि अंतिम संस्कार के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं और श्मशान घाट से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज जानकारियां कितनी सही थीं।
स्वास्थ्य विभाग भी करेगा अलग जांच
इस मामले में राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी अलग से जांच कर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने पहले ही आरजी कर मामले से जुड़े पुराने रिकॉर्ड दोबारा खोलने और अनसुलझे सवालों की पड़ताल की बात कही थी। स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के सेमिनार हॉल में घटना से पहले और बाद में मौजूद लोगों के साथ-साथ पीड़िता को पढ़ाने वाले प्रोफेसरों से भी पूछताछ कर सकता है।
RG Kar Case: सीबीआई जांच के साथ चलेगी नई पड़ताल
राज्य सरकार की नई जांच और अदालत के निर्देश पर चल रही सीबीआई जांच अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ेंगी। ऐसे में आरजी कर मामले में अब अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम, कथित लापरवाही और अन्य अनुत्तरित सवालों पर एक बार फिर जांच एजेंसियों की नजर होगी। इससे मामले में पहले सामने आए आरोपों की वास्तविकता और प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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