Mohan Yadav: World Leaders Forum 2026 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश, ग्रीन एनर्जी, रोजगार और 2047 के विकास लक्ष्यों को लेकर सरकार का रोडमैप सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब कृषि के साथ उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, पिछले एक साल में करीब 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर आया है और कई औद्योगिक इकाइयों ने काम शुरू कर दिया है।
निवेश बढ़ाने के लिए नियमों में बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर बनाने के लिए 900 से ज्यादा गैरजरूरी कानून और 2700 से अधिक अनावश्यक सर्कुलर समाप्त किए गए हैं। जन विश्वास अधिनियम के जरिए भी प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए पर्याप्त लैंड बैंक, बिजली और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सरकार ने निवेशकों को 29 दिन के भीतर जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। सीएम ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि संभाग और जिला स्तर पर निवेशकों तक पहुंचने की इस पहल को दूसरे राज्यों से भी सराहना मिली है।
Mohan Yadav: हर क्षेत्र की क्षमता के अनुसार विकसित होंगे उद्योग
मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विशेषताओं को ध्यान में रखकर औद्योगिक पार्क और सेक्टर विकसित किए जा रहे हैं। मालवा में कॉटन उत्पादन को देखते हुए गारमेंट उद्योग, सीधी-सिंगरौली में खनन और ऊर्जा तथा नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन और झांसी से सटे क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली और मुंबई में आयोजित निवेश सम्मेलनों के बाद करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

ग्रीन एनर्जी और निर्यात पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश की मौजूदा ऊर्जा क्षमता करीब 31 गीगावाट है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है। सरकार इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए सौर और पवन ऊर्जा के साथ पंप स्टोरेज परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 55 में से 37 जिलों से निर्यात हो रहा है और इसका आंकड़ा करीब 88 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
Mohan Yadav: 2047 तक 22.50 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय का लक्ष्य
World Leaders Forum में मुख्यमंत्री ने 2047 के मध्य प्रदेश का लक्ष्य भी साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अब 1.67 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है और 2047 तक इसे 22.50 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब 39 हो गई है। उनके कार्यकाल में 15 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य औद्योगिक विकास को कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय मध्य प्रदेश के हर हिस्से को निवेश, रोजगार और विकास से जोड़ना है।








