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मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से मचा सियासी घमासान, BJP ने बोला हमला

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi: राहुल गांधी के पुणे में छात्रों के बीच मनुस्मृति का संदर्भ देकर महिलाओं की स्थिति पर दिए बयान ने एक बार फिर सियासी बहस तेज कर दी है। राहुल गांधी ने मनुस्मृति के एक श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय समाज में महिलाओं को लंबे समय तक पुरुषों के संरक्षण और अधीनता में रखा गया। उनके बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ दिया। वहीं, इस पूरे विवाद ने महिला अधिकार, सामाजिक बदलाव और राजनीतिक विमर्श को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

मनुस्मृति के श्लोक का राहुल गांधी ने दिया हवाला

राहुल गांधी ने छात्रों के बीच मनुस्मृति के अध्याय पांच के श्लोक 148 का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि इसमें महिला के बचपन में पिता, युवावस्था में पति और वृद्धावस्था में बेटे के संरक्षण में रहने की बात कही गई है। राहुल ने इसे महिलाओं की सामाजिक स्थिति से जोड़ते हुए सवाल उठाया। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इसका विरोध शुरू हो गया। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी पर धार्मिक ग्रंथ को राजनीतिक बहस में लाने और हिंदू भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।

Rahul Gandhi: BJP ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

बीजेपी का कहना है कि आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। राजनीति से लेकर विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन और कारोबार तक महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को मौजूदा भारत की वास्तविकता से अलग बताया। राजनीतिक बहस में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सदियों पुराने ग्रंथों और सामाजिक व्यवस्थाओं को आज की परिस्थितियों के आधार पर परखा जाना चाहिए। आलोचकों का कहना है कि वर्तमान समाज में महिलाओं की स्थिति को उनके अधिकारों, उपलब्धियों और अवसरों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

मनुस्मृति से वंदे मातरम् तक बढ़ा राजनीतिक टकराव

राहुल गांधी और बीजेपी के बीच हाल के दिनों में कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव तेज हुआ है। मनुस्मृति के बाद वंदे मातरम् को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए। राहुल गांधी ने वंदे मातरम् के सभी पदों के बजाय शुरुआती दो पदों के गायन को प्राथमिकता देने की बात कही थी। इन मुद्दों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर वोट बैंक की राजनीति करने के आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषण में इसे आगामी चुनावों से पहले युवाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Rahul Gandhi: पुरानी मान्यताओं बनाम बदलते भारत की बहस

आज का भारत सामाजिक और राजनीतिक रूप से पहले की तुलना में काफी बदल चुका है। महिलाओं ने शिक्षा, रोजगार, राजनीति और नेतृत्व के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे में पुराने सामाजिक संदर्भों को वर्तमान भारत से जोड़ने को लेकर बहस जारी है। इस विवाद का एक बड़ा पहलू यह भी है कि राजनीतिक दल युवाओं को किस तरह संबोधित करते हैं। नई पीढ़ी के मतदाताओं के सामने रोजगार, शिक्षा, तकनीक और विकास जैसे मुद्दे भी अहम हैं। ऐसे में मनुस्मृति जैसे ऐतिहासिक विषयों पर होने वाली राजनीतिक बहस आने वाले समय में चुनावी विमर्श को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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