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किराना हिल्स पर हमला हुआ था या नहीं? पूर्व CDS के खुलासे से समझिए ऑपरेशन सिंदूर की जानिए पूरी कहानी

CDS ARMY NEWS: पाकिस्तान की कथित परमाणु गतिविधियों से जुड़ी किराना हिल्स एक बार फिर चर्चा में है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सोशल मीडिया और पाकिस्तानी मीडिया में दावा किया गया था कि भारत ने सरगोधा के पास स्थित किराना हिल्स को निशाना बनाया। अब पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने इस दावे पर स्थिति स्पष्ट की है। उनके मुताबिक, भारतीय सेना ने किराना हिल्स को लक्ष्य बनाकर हमला नहीं किया था। हालांकि, सरगोधा के आसपास पाकिस्तानी रडार की तलाश के लिए भेजे गए कई ड्रोन में से एक उड़ान क्षमता खत्म होने के बाद किसी पहाड़ी से टकराया हो सकता है।

सवाल-1: किराना हिल्स आखिर क्यों महत्वपूर्ण है?

किराना हिल्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा के पास स्थित पहाड़ी क्षेत्र है। इस इलाके को लेकर लंबे समय से ऐसी रिपोर्ट और दावे सामने आते रहे हैं कि यहां पाकिस्तान की रणनीतिक और परमाणु सुविधाएं मौजूद हैं। इसी वजह से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब किराना हिल्स से धुआं उठने की तस्वीरें सामने आईं, तो यह चर्चा तेज हो गई कि क्या भारत ने पाकिस्तान की किसी परमाणु सुविधा को निशाना बनाया था।

CDS ARMY NEWS: सवाल-2: क्या भारत ने किराना हिल्स पर हमला किया था?

पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान का जवाब है नहीं। उन्होंने कहा कि तत्कालीन एयर मार्शल ए.के. भारती ने भी सही कहा था कि भारतीय सेना ने किराना हिल्स को निशाना नहीं बनाया था। यानी उपलब्ध आधिकारिक स्पष्टीकरण के मुताबिक, किराना हिल्स भारत के हमले का घोषित या निर्धारित लक्ष्य नहीं था।

सवाल-3: फिर किराना हिल्स के पास धमाका या धुआं क्यों दिखाई दिया?

यही इस पूरे मामले का सबसे अहम हिस्सा है। जनरल चौहान के मुताबिक, भारत ने सरगोधा और उसके आसपास मौजूद पाकिस्तानी रडार का पता लगाने के लिए कई ड्रोन भेजे थे। किराना हिल्स सरगोधा से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में है। उन्होंने बताया कि ये ड्रोन एक निश्चित समय तक हवा में मंडरा सकते हैं। अगर इस दौरान उन्हें कोई लक्ष्य नहीं मिलता, तो उनकी उड़ान क्षमता खत्म होने के बाद वे नीचे गिर सकते हैं। ऐसे में पूर्व CDS ने संभावना जताई कि इनमें से कोई ड्रोन किराना की पहाड़ियों में से किसी एक से टकराया हो सकता है।

CDS ARMY NEWS: सवाल-4: क्या ड्रोन का किराना हिल्स तक पहुंचना अपने आप में बड़ा संकेत है?

यह जरूर दिखाता है कि ऑपरेशन के दौरान सरगोधा क्षेत्र में भारतीय ड्रोन गतिविधि हुई थी। लेकिन किसी ड्रोन के किसी इलाके में गिरने को सीधे उस इलाके में मौजूद किसी परमाणु ठिकाने पर हमला मान लेना सही नहीं होगा। पूर्व CDS ने भी किराना हिल्स को निशाना बनाए जाने के दावे को खारिज किया है।

सवाल-5: ऑपरेशन सिंदूर में सरगोधा क्यों महत्वपूर्ण था?

ऑपरेशन सिंदूर की योजना में पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य और आतंकी ठिकानों को ध्यान में रखा गया था। जनरल चौहान के मुताबिक, सरगोधा के आसपास पाकिस्तानी रडार को तलाशने के लिए ड्रोन भेजे गए थे। इससे पता चलता है कि ऑपरेशन केवल आतंकी ठिकानों तक सीमित नहीं था, बल्कि पाकिस्तानी सैन्य क्षमता और एयर डिफेंस सिस्टम पर भी नजर रखी जा रही थी।

CDS ARMY NEWS: सवाल-6: ऑपरेशन सिंदूर का प्लान कब बना?

जनरल चौहान के मुताबिक, 23 से 29 अप्रैल 2025 के बीच ऑपरेशन को लेकर कई दौर की बैठकें हुई थीं। चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ कई बैठकें हुईं। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर अंतिम स्तर पर चर्चा हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद थे।

सवाल-7: रात में हमला करने का फैसला क्यों लिया गया?

पूर्व CDS के मुताबिक, बहावलपुर के लक्ष्य को भी ऑपरेशन की सूची में शामिल किया गया था। हमले के लिए रात का समय इसलिए चुना गया ताकि आम नागरिकों को होने वाला नुकसान कम से कम रखा जा सके। यानी ऑपरेशन की योजना में सिर्फ सैन्य लक्ष्य चुनना ही नहीं, बल्कि नागरिक नुकसान को कम करना भी एक महत्वपूर्ण पहलू था।

किराना हिल्स को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या भारत ने पाकिस्तान की कथित परमाणु साइट को निशाना बनाया था? पूर्व CDS जनरल अनिल चौहान के ताजा स्पष्टीकरण के मुताबिक इसका जवाब नहीं है। उनके अनुसार भारतीय ड्रोन सरगोधा क्षेत्र में पाकिस्तानी रडार तलाशने के लिए भेजे गए थे और इनमें से कोई ड्रोन अपनी उड़ान क्षमता खोने के बाद किराना की किसी पहाड़ी से टकराया हो सकता है। इसलिए किराना हिल्स पर धुआं दिखाई देने और वहां भारत के जानबूझकर हमला करने इन दोनों बातों को एक नहीं माना जा सकता।

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