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दुर्ग में स्वाइन फ्लू के 6 मरीज, 4 ठीक और 2 उपचाराधीन; स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण रोकने के लिए जारी की एडवाइजरी

दुर्ग में स्वाइन फ्लू के 6 मामले, अलर्ट

Swine Flu Cases: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 6 मरीज सामने आ चुके हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि इनमें से 4 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। वहीं, 2 मरीजों का अभी इलाज जारी है।

दो मरीजों का चल रहा इलाज

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू से संक्रमित दो मरीज फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से एक मरीज का इलाज एम्स रायपुर में किया जा रहा है, जबकि दूसरे मरीज का इलाज सेक्टर-9 हॉस्पिटल में चल रहा है।इधर, जिले में सर्दी, खांसी और बुखार जैसी शिकायतों वाले मरीज भी सामने आ रहे हैं। स्थिति को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

जिला अस्पताल में बनाया गया आइसोलेशन वार्ड

संक्रमण को देखते हुए जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किए गए हैं। इन वार्डों का इस्तेमाल संक्रमित मरीजों को दूसरे मरीजों से अलग रखने के लिए किया जाएगा, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम किया जा सके।

राजस्थान में भी सामने आए मामले

इससे पहले गुरुवार को राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिंवसर ने स्वाइन फ्लू को लेकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि जनवरी 2026 से अब तक राजस्थान में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा एच1एन1 के 146 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं।उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार ने सभी मेडिकल संस्थानों को जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों को मरीजों की स्क्रीनिंग, इलाज और जरूरत पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है, ताकि मरीजों को समय पर उचित उपचार मिल सके।

क्या है स्वाइन फ्लू?

स्वाइन फ्लू सांस से जुड़ी एक बीमारी है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान शामिल हैं।ज्यादातर मरीज सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराने पर ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कुछ लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

इन लोगों को ज्यादा खतरा

छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में स्वाइन फ्लू के कारण जटिलताएं होने का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए ऐसे लोगों को लक्षण दिखाई देने पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।

संक्रमण से बचने के लिए बरतें सावधानी

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल, टिश्यू या कोहनी से ढकना चाहिए।इसके अलावा, हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोना चाहिए। जरूरत पड़ने पर हैंड सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।अगर किसी व्यक्ति को बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण हैं, तो उसे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना भी जरूरी है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर देरी किए बिना डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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