MILK TESTING: दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए अब बड़ी मात्रा में सैंपल की जरूरत नहीं पड़ेगी। बरेली स्थित रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजय यादव ने एक पोर्टेबल मिल्क टेस्टर तैयार किया है। दावा है कि यह डिवाइस सिर्फ 4 एमएल दूध के सैंपल से उसकी गुणवत्ता जांचने में मदद कर सकती है। मौजूदा जांच उपकरणों में करीब 50 एमएल दूध के सैंपल की जरूरत पड़ सकती है। खास बात यह है कि इस डिवाइस की अनुमानित कीमत 1000 से 1200 रुपये बताई गई है और इसे भविष्य में बाजार में उतारने की तैयारी है।
50 ML की जगह सिर्फ 4 ML दूध की जरूरत
डॉ. अजय यादव के मुताबिक, मौजूदा दूध गुणवत्ता जांच उपकरणों में करीब 50 एमएल सैंपल की आवश्यकता होती है। इसके मुकाबले विश्वविद्यालय में तैयार पोर्टेबल सेंसर से महज 4 एमएल दूध लेकर जांच की जा सकती है। सेंसर दूध के सैंपल की रीडिंग में होने वाले बदलाव को दर्ज करता है, जिसके आधार पर दूध की गुणवत्ता का आकलन करने में मदद मिल सकती है।
MILK TESTING: निकेल और प्लास्टिक रॉड से तैयार किया सेंसर
इस पोर्टेबल सेंसर को तैयार करने में निकेल रॉड और प्लास्टिक रॉड का इस्तेमाल किया गया है। शोध के दौरान डिवाइस का परीक्षण गाय, भैंस और पैकेट वाले दूध के अलग-अलग सैंपल पर किया गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक, विभिन्न सैंपल में सेंसर की रीडिंग अलग-अलग मिली, जिससे दूध की गुणवत्ता में अंतर का आकलन करने की दिशा में परीक्षण किया गया।
कुछ मिलावट और प्रिजर्वेटिव की पहचान में मदद
डॉ. अजय यादव के अनुसार, सेंसर हाइड्रोजन परॉक्साइड, फार्मेल्डिहाइड, सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे कुछ मिलावट या प्रिजर्वेटिव वाले तत्वों की पहचान में मदद कर सकता है। उनके मुताबिक, शुद्ध गाय या भैंस के दूध की वोल्टेज रीडिंग एक निर्धारित सीमा में रहती है, जबकि कुछ प्रिजर्वेटिव या पैकेट वाले दूध में रीडिंग बदल सकती है।
MILK TESTING: 1000 से 1200 रुपये हो सकती है कीमत
पोर्टेबल मिल्क टेस्टर की अनुमानित कीमत करीब 1000 से 1200 रुपये बताई गई है। इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे हर जांच के लिए अलग उपकरण खरीदने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, बाजार में उतारने से पहले डिवाइस का अलग-अलग तापमान पर परीक्षण किया जाना बाकी है। इन परीक्षणों के सफल होने के बाद इसे बाजार में लाने की तैयारी की जाएगी। सफल होने पर यह कम मात्रा में दूध लेकर गुणवत्ता जांचने का किफायती विकल्प बन सकता है।








