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संजय मारपीट मामले में CJP का मार्च: सौरव दास ने पूछा- आरोपी ने खुद मानी बात, फिर पुलिस ने अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की?

जंतर-मंतर हिंसा पर CJP ने मांगा इंसाफ

CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शुक्रवार को अपने कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट के विरोध में मार्च निकाला। पार्टी के कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। इस प्रदर्शन में CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल हुए।नीशू आजाद का आरोप है कि 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। उनका आरोप है कि संजय के सिर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें चोट लगी।संजय की शिकायत के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में मामला दर्ज किया गया था। CJP का कहना है कि FIR दर्ज हुए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है, लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

CJP Protest: वायरल पॉडकास्ट वीडियो से बढ़ा विवाद

इस बीच स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वह संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात स्वीकार करता हुआ नजर आया। हालांकि, स्वतंत्र ने यह भी कहा कि उसने ऐसा हमला करने के लिए नहीं, बल्कि आत्मरक्षा में किया था।वीडियो सामने आने के बाद CJP नेता सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब आरोपी खुद घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर रहा है, तो पुलिस अब तक उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।

नीशू ने राहुल गांधी से मांगी थी मदद

इससे एक दिन पहले गुरुवार को नीशू आजाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की अपील की थी। राहुल गांधी ने उन्हें भरोसा दिलाते हुए कहा था कि वह उनके साथ खड़े हैं।दरअसल, 20 अगस्त को राहुल गांधी ने इसी पुलिस स्टेशन में छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल की FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर करीब छह घंटे तक धरना दिया था।

CJP Protest: जंतर-मंतर हिंसा पर CJP ने मांगा इंसाफ
जंतर-मंतर हिंसा पर CJP ने मांगा इंसाफ
CJP Protest: पीड़ित पक्ष का क्या कहना है?

CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार 23 जून को जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान घायल हुए थे। उनकी शिकायत पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज किया गया।नीशू का आरोप है कि उनके पिता का सिर फोड़ दिया गया था और FIR दर्ज होने के करीब डेढ़ महीने बाद भी पुलिस ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

नीशू ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो शेयर करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज खुद स्वीकार कर रहा है कि उसी ने उनके पिता के सिर पर हमला किया था। उन्होंने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की।नीशू ने कहा कि घटना के समय ही FIR दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर भरोसा खत्म होने की बात कही और राहुल गांधी से न्याय दिलाने की अपील की।

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी जैसे बड़े नेता का समर्थन मिलने के बाद उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है। नीशू ने सवाल उठाया कि जिन लोगों को कानून का डर नहीं है, वे खुलेआम कैसे घूम सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए, खासकर तब जब वे कथित तौर पर अपनी गलती को गर्व के साथ लोगों के सामने बता रहे हों।

आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज का पक्ष

स्वतंत्र भारद्वाज ने वायरल पॉडकास्ट में दावा किया कि उसने संजय कुमार के सिर पर हमला किया था और उन्हें 60 टांके लगे थे। उसने यह भी दावा किया कि इस मामले में उसे जेल नहीं जाना पड़ा।हालांकि, बाद में स्वतंत्र ने अपने बयान को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह हमला नहीं, बल्कि आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था।उसका दावा है कि घटना के समय 10-15 लोगों ने उसे घेर लिया था। अगर वह खुद को बचाने के लिए कार्रवाई नहीं करता, तो भीड़ उसे पीट-पीटकर मार सकती थी या उसकी जान जा सकती थी।

स्वतंत्र ने कहा कि उसके पास घटना का वीडियो सबूत भी है। उसके मुताबिक, जब उसने आत्मरक्षा में कदम उठाया, तब संजय के सिर में चोट लगी।उसने दिल्ली पुलिस की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि संजय को कोई गंभीर चोट नहीं आई थी। स्वतंत्र के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और वह पुलिस के साथ पूरा सहयोग कर रहा है।

संजय मारपीट केस में पुलिस पर सवाल
संजय मारपीट केस में पुलिस पर सवाल
CJP Protest: CJP नेताओं ने पुलिस पर उठाए सवाल

CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने नीशू आजाद और उनके पिता संजय के लिए न्याय की मांग की।सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन इस दौरान हिंसा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके लिए जिम्मेदार लोग पहले भी दिल्ली में हिंसा से जुड़े रहे हैं।उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे कथित आपराधिक गिरोह इतने लंबे समय से समाज में खुलेआम कैसे घूम रहे हैं।

आशुतोष रांका ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नीशू के पिता संजय के साथ मारपीट हुई थी और पार्टी लगातार न्याय की मांग करती रही है।उन्होंने कहा कि अब स्थिति ऐसी हो गई है कि आरोपी कथित तौर पर खुलेआम घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर रहा है। रांका ने दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि CJP नीशू और उनके पिता के साथ खड़ी है और पुलिस से हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की जाएगी।नीशू आजाद चंद्रशेखर आजाद के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचीं। CJP नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य संजय कुमार के मामले में न्याय की मांग करना है।

स्वतंत्र भारद्वाज कौन है?

स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है। वह खुद को ‘स्वतंत्र सनातनी योद्धा’ बताता है और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करता है।उसके इंस्टाग्राम पर करीब 1.8 लाख फॉलोअर्स बताए जाते हैं। वह मूल रूप से बिहार के दरभंगा का रहने वाला बताया जाता है और फिलहाल दिल्ली में रहता है।जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में उसका नाम सामने आया है।

CJP Protest: राहुल गांधी ने दिया नीशू को समर्थन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर नीशू आजाद को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि नीशू अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि आरोपी के खिलाफ अब कार्रवाई होगी या नहीं।राहुल गांधी के समर्थन के बाद नीशू ने कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे बड़े नेता का साथ मिलने से उनका भरोसा बढ़ा है और उन्हें उम्मीद है कि स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजा जाएगा।

संजय मारपीट केस में पुलिस पर सवाल
संजय मारपीट केस में पुलिस पर सवाल
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस के DCP के मुताबिक, 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर पर एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी।संजय को मेडिकल जांच के लिए RML अस्पताल ले जाया गया था। मेडिको-लीगल रिपोर्ट में चोट को साधारण बताया गया।पुलिस ने सिर फटने या खोपड़ी में फ्रैक्चर होने के दावे को गलत बताया है। पुलिस के मुताबिक, संजय के बयान के आधार पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज किया गया था।पुलिस ने सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को मौके से हिरासत में लिया था। जांच के दौरान दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें कानूनी नोटिस भी दिया गया।पुलिस का कहना है कि मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है और जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

संसद मार्च के बाहर प्रदर्शन

CJP के कार्यकर्ताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी की ओर से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।CJP का मुख्य सवाल था कि अगर आरोपी खुद घटना में अपनी भूमिका स्वीकार कर रहा है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।प्रदर्शन के दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर भीड़ बढ़ती गई। इससे पहले नीशू ने स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था।वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र ने कथित तौर पर कहा था कि उसने ही नीशू के पिता संजय कुमार के सिर पर चोट पहुंचाई थी और उन्हें 60 टांके लगे थे। वीडियो में उसने यह भी दावा किया था कि राजनीतिक प्रभाव के कारण वह किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई से बच गया।

CJP Protest: जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं।

5 अगस्त: छात्रों ने पुलिस पर लगाए आरोप

5 अगस्त को राहुल गांधी चार प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को मीडिया के सामने लेकर आए थे। एक छात्रा ने दावा किया कि भारत माता की जय बोलने पर उन्हें देशद्रोही कहा गया।छात्रा के मुताबिक, जब वे शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे थे, तब एक पुलिस अधिकारी ने उनके शरीर के ऊपरी हिस्से पर हमला किया।

राहुल गांधी ने कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन छात्रों का लगातार शोषण हो रहा है।राहुल ने कहा कि ये बच्चे देश के भविष्य के लिए लड़ रहे थे और उन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोकतंत्र के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों का धन्यवाद भी किया।

24 जुलाई: घायल छात्र के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस

24 जुलाई को राहुल गांधी ने अपने आवास 10 जनपथ पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए एक छात्र के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।इस दौरान उन्होंने छात्र की टी-शर्ट उठाकर उसके हाथ, पीठ और छाती पर लगे घाव दिखाए। राहुल ने दावा किया था कि छात्र तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहा था, तभी वह पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ।

36 दिनों तक चला CJP का प्रदर्शन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का धरना 20 जून से 25 जुलाई तक चला। यानी करीब 36 दिनों तक लगातार प्रदर्शन किया गया।इस आंदोलन में हजारों छात्र, अभिभावक और युवा शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में पहुंचे थे और उन्होंने भूख हड़ताल की थी।20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।

CJP Protest: घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन
  • 12 मई 2026: NEET-UG 2026 परीक्षा, देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा आयोजित हुई। इसमें करीब 20 लाख छात्र शामिल हुए।
  • 15 मई 2026: परीक्षा रद्द करने की घोषणा, पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई।
  • 16 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से फैलने वाली स्थिति से की।
  • 6 जून 2026: CJP सोशल मीडिया मूवमेंट, अभिजीत दीपक ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया मूवमेंट शुरू किया।
  • 20 जून 2026: पहला प्रदर्शन, कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहला प्रदर्शन किया।
  • 28 जून 2026: दूसरा प्रदर्शन, CJP ने जंतर-मंतर पर दूसरा विरोध प्रदर्शन किया।
  • 20 जुलाई 2026: सोनम वांगचुक का अनशन, CJP का समर्थन कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए।
  • 21 जुलाई 2026: संसद मार्च, संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। इस दौरान हजारों प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
  • 22 जुलाई 2026: संसद में मुद्दा उठा, संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने NEET, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया। दोनों सदनों में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ।
  • 23 जुलाई 2026: विरोध जारी, विपक्ष ने संसद में लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन जारी रखा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
  • 24 जुलाई 2026: फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया। विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा रहा।
  • 25 जुलाई 2026  शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पेपर लीक को लेकर जारी विरोध के बीच NIA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इनके खिलाफ केस दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई।

इसी दिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। इसके बाद CJP ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की।

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