Politics: उत्तराखंड पुलिस दिल्ली पहुंच चुकी है।राहुल गांधी को आज रात 12 बजे बाद कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके लिए सारे इंतजाम कर दिये गये हैं। राहुल के 5 सुनहरी बाग रोड स्थित बंगले की घेराबंदी की जा चुकी है।सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार 3 सितंबर की देर रात तक इस प्रकार की अटकलें लगाई जाती रही।दून से दिल्ली तक खलबली मची रही।देहरादून के पत्रकार दिल्ली स्थित अपने मित्रों को फोन कर इस बारे में जानकारी लेते रहे।एक-दूसरे से पूछते रहे कि क्या सचमुच उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली में दस्तक दे दी है ? क्या राहुल गांधी घिर गए हैं?
मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें
मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स में अटकलें हैं कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामले की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है।पुलिस मामले की जांच के साथ गिरफ्तारी की दिशा में कदम उठा सकती है।
Politics: कानूनी रूप से हो सकती है गिरफ्तारी
जानकारों के मुताबिक राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं इसलिए व्यावहारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी आसान तो नहीं है, लेकिन कानूनी रूप से उत्तराखंड पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।जांच के दायरे में पुलिस के पास कानूनी कार्रवाई का अधिकार होता है।राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज है। एफआईआर में शिकायत की गई है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी में 10 अगस्त को हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को छुआछूत और दलितों के खिलाफ भेदभाव के तौर पर पेश किया।इससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं, क्योंकि शुद्धिकरण और हवन में अनुसूचित जाति के लोग भी शामिल थे।पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
Politics: सियासत तेज
इस मुद्दे पर इन दिनों उत्तराखंड की राजनीति गरमाई हुई है।कांग्रेस एफआईआर को राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रही है। वह इसका कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगा रही है कि उनके नेता के खिलाफ संघ और भाजपा के इशारे पर एफआईआर की गई है।दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी हर मुद्दे को जातिगत और सांप्रदायिक रंग देकर समाज में द्वेष फैलाने की कोशिश में जुटे रहते हैं।हल्द्वानी को लेकर उन्होंने यही किया।उत्तराखंड में पांच माह बाद विधानसभा चुनाव होगा।ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही इस मुद्दे पर एक-दूसरे के खिलाफ हमला करने की कोई कोशिश नहीं छोड़ना चाहते हैं।








