Lucknow NRHM scam: राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव से जुड़ी सात से अधिक कंपनियों का रिकॉर्ड मांगा है। इन कंपनियों ने वर्ष 2014 से 2019 के बीच देवीपाटन समेत विभिन्न मंडलों के सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति की थी।
Lucknow NRHM scam: चार जिलों के अस्पतालों से जुड़े दस्तावेज मांगे-
ईडी ने UPMSCL से श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच के सरकारी अस्पतालों में की गई सामग्री की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। इससे पहले जांच एजेंसी ने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण को पत्र भेजकर अस्पतालों को जारी फंड, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और दवाओं से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगा था।
Lucknow NRHM scam: कंपनियों को सप्लाई का काम मिलने की जांच-
जांच के अनुसार, 2014 से 2019 के बीच पूर्व विधायक से जुड़ी कई कंपनियों को सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति का काम मिला था। आरोप है कि पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर कमीशनखोरी के जरिए इन कंपनियों के भुगतान कराए।
काली कमाई को ठिकाने लगाने का आरोप-
NRHM घोटाले में UPMSCL की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की है। अब तक की जांच में एजेंसी को कथित तौर पर ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे पूर्व विधायक और उनके सहयोगियों पर संबंधित कंपनियों के जरिए काली कमाई को ठिकाने लगाने का संदेह है।
पूर्व विधायक की विजिलेंस जांच भी जारी-
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव अपने कार्यकाल 2012 से 2017 के दौरान वैध आय और ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में विजिलेंस जांच का सामना कर रहे हैं। NRHM घोटाले में पूर्व विधायक के अलावा तत्कालीन सीएमओ समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस ने पिछले 10 जून को पूर्व विधायक को लखनऊ के वेब मॉल से गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईडी ने भी मामले की जांच शुरू की और अब संबंधित कंपनियों व सरकारी अस्पतालों की आपूर्ति से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
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