CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के चर्चित नेताओं में शामिल हैं। वह उत्तर प्रदेश से तीन बार सांसद रह चुके हैं और साल 2017 से लगातार राज्य के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके फैसलों और भाषणों की चर्चा अक्सर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी होती है। उत्तर प्रदेश देश का एक अहम और राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली राज्य है, इसलिए मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।अगर कोई आम नागरिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहता है, तो उसे तय नियमों और प्रोटोकॉल का पालन करना पड़ता है। मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात के लिए किसी वास्तविक और महत्वपूर्ण समस्या या उद्देश्य का होना जरूरी है। बिना किसी खास वजह के मुख्यमंत्री से मिलना या उनसे संपर्क करना आसान नहीं होता।
जनता दर्शन के जरिए मिल सकते हैं सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का सबसे प्रमुख माध्यम जनता दर्शन है। इस कार्यक्रम के जरिए मुख्यमंत्री आम लोगों की शिकायतें और उनकी समस्याएं सुनते हैं। समय-समय पर जनता दर्शन का आयोजन मुख्यमंत्री आवास या गोरखपुर में किया जाता है।हाल ही में गोरखपुर मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 2500 लोगों की समस्याएं सुनी थीं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याएं सुनते हैं और संबंधित अधिकारियों को उनके निपटारे के निर्देश दिए जाते हैं।अगर आपके पास भी कोई गंभीर समस्या या शिकायत है, तो जनता दर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का मौका मिल सकता है।
CM Yogi: मुख्यमंत्री कार्यालय से भी कर सकते हैं संपर्क
अगर कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने या अपनी समस्या उन तक पहुंचाने की कोशिश करना चाहता है, तो मुख्यमंत्री कार्यालय या मुख्यमंत्री आवास से संपर्क किया जा सकता है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवास का पता 5, कालिदास मार्ग, लखनऊ है। संपर्क के लिए 0522-2236838, 0522-2235599 और 0522-2236985 फोन नंबर दिए गए हैं। इन सरकारी नंबरों पर आम लोग अपनी समस्या या अपनी बात संबंधित कार्यालय तक पहुंचा सकते हैं।
अपॉइंटमेंट लेकर मिलने का तरीका
अगर आप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे मुलाकात करना चाहते हैं, तो आमतौर पर पहले से अपॉइंटमेंट लेना जरूरी होता है। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क करना होता है।मुलाकात का समय मांगने के लिए ईमेल या पत्र के माध्यम से अनुरोध किया जा सकता है। हालांकि, अपॉइंटमेंट मिलना आपके मिलने के उद्देश्य और मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

CM Yogi: सोशल मीडिया से भी पहुंचा सकते हैं अपनी बात
आज के समय में सोशल मीडिया किसी बड़े अधिकारी या नेता तक अपनी बात पहुंचाने का एक आसान माध्यम बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क करने के लिए लोग उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी शिकायत या समस्या साझा कर सकते हैं।उनका आधिकारिक एक्स अकाउंट @myogiadityanath है। यहां पोस्ट या मैसेज के माध्यम से अपनी समस्या मुख्यमंत्री और उनके कार्यालय तक पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है।
जनता दरबार में रजिस्ट्रेशन कैसे होता है?
अगर आप मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी समस्या रखना चाहते हैं, तो कार्यक्रम वाले दिन सुबह ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना बेहतर होता है। वहां एक रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाया जाता है, जहां आपकी व्यक्तिगत जानकारी और शिकायत दर्ज की जाती है।रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको एक टोकन या नंबर दिया जाता है। इसी नंबर के आधार पर आपकी बारी तय होती है। जब आपका नंबर आता है, तो आपको मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्या रखने के लिए बुलाया जाता है।इसके अलावा जनता दरबार में जाने से पहले आप जनसुनवाई पोर्टल के जरिए अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इससे शिकायत सरकारी सिस्टम में पहले से दर्ज हो जाती है। ऐसे में जनता दरबार में पहुंचने पर आपकी शिकायत पर कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है, क्योंकि आपकी जानकारी और शिकायत पहले से सिस्टम में मौजूद होती है।
CM Yogi: कौन-कौन से दस्तावेज साथ ले जाएं?
जनता दरबार में अपनी शिकायत रखने के लिए जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाना चाहिए। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र शामिल हो सकते हैं।इसके अलावा जिस समस्या से जुड़ी शिकायत है, उससे संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें। एक लिखित आवेदन पत्र भी तैयार करके ले जाना चाहिए। आवेदन में अपनी समस्या को साफ और आसान शब्दों में लिखें।आवेदन पत्र में अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर जरूर दर्ज करें, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी आपसे संपर्क कर सकें।
जनता दरबार में सीएम खुद सुनते हैं लोगों की शिकायत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का जल्द और आसान तरीके से समाधान कराना है। इस कार्यक्रम में आम तौर पर 300 से 500 लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। कई बार फरियादियों की संख्या बढ़कर 1000 तक भी पहुंच जाती है।कार्यक्रम में आने वाले लोगों को उनके टोकन या नंबर के अनुसार कुर्सियों पर बैठाया जाता है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं।जनता दरबार के दौरान मुख्यमंत्री के बच्चों से बातचीत करने और उनके साथ हंसी-मजाक करने की तस्वीरें भी अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिलती हैं। इससे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का लोगों के साथ सीधे संवाद का अंदाज भी सामने आता है।








