Nepal Flood Rescue: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के करीब दो हफ्ते बाद भी राहत और बचाव का काम लगातार चल रहा है। रेस्क्यू टीमें अलग-अलग सात हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों को खोजने में जुटी हुई हैं। अब तक 13 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हालांकि, 4,894 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 587 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक स्थिति, टूटे हुए रास्ते और जगह-जगह जमा भारी मलबा बचाव दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Nepal Flood Rescue: नेपाल और तिब्बत में भारी तबाही
बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,356 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, तिब्बत में 43 लोगों की जान गई है और 519 लोग अभी भी लापता हैं।हादसे को करीब 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लगभग 5 हजार लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। समय बीतने के साथ लापता लोगों के जिंदा मिलने और उन्हें सुरक्षित बचाने की उम्मीद भी लगातार कम होती जा रही है। इसके बावजूद रेस्क्यू टीमें सुरंगों और प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।

नेपाल ने मांगा 2 करोड़ डॉलर का मुआवजा
बाढ़ से हुए भारी नुकसान के लिए नेपाल ने 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 189 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने ब्रिटिश अखबार द गार्डियन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि जिन देशों के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की वजह से जलवायु परिवर्तन की समस्या बढ़ रही है, उन्हें अब प्रभावित देशों की मदद के लिए आगे आना चाहिए।नेपाल का तर्क है कि वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में उसका हिस्सा 0.1 फीसदी से भी कम है। इसके बावजूद जलवायु परिवर्तन का असर नेपाल पर काफी गंभीर रूप से पड़ रहा है। देश में तापमान बढ़ने की रफ्तार दुनिया के औसत तापमान की तुलना में करीब 50 फीसदी अधिक है।संयुक्त राष्ट्र की वर्ष 2023 में जारी रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 30 वर्षों के दौरान नेपाल के पहाड़ों ने अपनी करीब एक-तिहाई बर्फ खो दी है। इससे वहां जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।
लापता भारतीयों के परिवारों से DNA सैंपल मांगे
26 अगस्त को तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद कुछ भारतीय नागरिकों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास ने इन लापता भारतीयों के परिवारों से DNA सैंपल जमा करने को कहा है। इसका उद्देश्य चीनी अधिकारियों द्वारा बरामद किए गए शवों की पहचान करने में मदद करना है।

Nepal Flood Rescue: सात हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में तलाशी जारी
लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए सात हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग स्तर पर सर्च और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट: यहां सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (22 मेगावाट): नेपाली और भारतीय सेना की टीम सुरंग के करीब 115 मीटर अंदर तक पहुंच चुकी है और वहां तलाशी अभियान चलाया गया है।
अपर त्रिशूली-1 (216 मेगावाट): रेस्क्यू टीम ने सुरंग के करीब 400 मीटर अंदर तक खोजबीन की, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।
मेलुंग खोला (5 मेगावाट): करीब 1 किलोमीटर के क्षेत्र में ड्रोन की मदद से तलाशी अभियान चलाया गया।
त्रिशूली-3A (60 मेगावाट): सुरंग और पावर हाउस के अंदर लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है।
त्रिशूली-3B (37 मेगावाट): ड्रोन और थर्मल कैमरों की सहायता से ऑफिस और आसपास के आवासीय परिसर में तलाशी ली जा रही है।
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