Durga Ad Controversy: बंगाल सरकार के एक सरकारी विज्ञापन को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अखबार में प्रकाशित इस विज्ञापन में मां दुर्गा को पारंपरिक दस भुजाओं के बजाय ग्यारह भुजाओं यानी ‘एकादशभुजा’ के रूप में दिखाया गया है। इसको लेकर तृणमूल कांग्रेस और माकपा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
Durga Ad Controversy: विज्ञापन में मां दुर्गा की ‘एकादशभुजा’ पर विवाद-
विवादित विज्ञापन कोलकाता में विभिन्न दुर्गा पूजा कमेटियों के साथ सोमवार को हुई समन्वय बैठक से जुड़ा था। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की। इस बैठक का आयोजन कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम ने राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग के सहयोग से किया था। विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तस्वीरें भी प्रकाशित की गई थीं। विज्ञापन में मां दुर्गा के स्वरूप को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि देवी दुर्गा को पारंपरिक दस भुजाओं के बजाय ग्यारह भुजाओं के साथ दिखाया गया है।
Durga Ad Controversy: भाजपा ने बताया तकनीकी त्रुटि-
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य शमिक भट्टाचार्य ने इस पूरे विवाद को विज्ञापन एजेंसी की तकनीकी त्रुटि बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए और गलती को संशोधित किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले पर राज्य प्रशासन या सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
विज्ञापन में पीएम मोदी की तस्वीर भी-
सरकारी विज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी प्रकाशित की गई थी। इसी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक निशाना साधा। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री पर तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि साल 2026 में मां दुर्गा किस शास्त्र के तहत ‘दशभुजा’ से ‘एकादशभुजा’ हो गईं।
मां दुर्गा के स्वरूप को लेकर माकपा का हमला-
माकपा नेता शतरूप घोष ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बंगालियों पर मांसाहार प्रतिबंध थोपने वालों से निपटने के लिए ही सरकार ने मां दुर्गा को एक अतिरिक्त हाथ दे दिया है। वहीं, भाजपा का कहना है कि यह केवल तकनीकी गलती है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। अब इस विवाद पर राज्य सरकार या संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।








