PM Modi Putin Meeting: देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में शुक्रवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के औपचारिक आगाज से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब 45 मिनट तक चली। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े भू-राजनीतिक बदलाव और तनाव देखने को मिल रहे हैं। बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
PM Modi Putin Meeting: व्यापार, ऊर्जा और रक्षा साझेदारी पर चर्चा-
सूत्रों के अनुसार, बातचीत की मेज पर द्विपक्षीय व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, स्थानीय मुद्राओं में भुगतान और रणनीतिक रक्षा साझेदारी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। इसके साथ ही यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में आयोजित प्रदर्शनी के लिए एक ही कार में सवार होकर रवाना हुए।
PM Modi Putin Meeting: मोदी-पुतिन ने INNOPROM प्रदर्शनी का किया दौरा-
द्विपक्षीय बातचीत के बाद भारत मंडपम में भारत और रूस की दोस्ती की खास तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यहां आयोजित प्रतिष्ठित ‘INNOPROM’ औद्योगिक प्रदर्शनी का एक साथ दौरा किया। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी के विभिन्न स्टॉल का अवलोकन किया और दोनों देशों के बीच तकनीक एवं व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं को करीब से देखा। अधिकारियों ने दोनों राष्ट्राध्यक्षों को प्रदर्शनी में मौजूद प्रमुख तकनीकी और औद्योगिक उत्पादों की जानकारी दी।
पुतिन को पीएम मोदी ने भेंट की ‘तिरुक्कुरल’ की रूसी प्रति-
इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक प्रसिद्ध तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी भाषा में अनुवाद भेंट किया। संत तिरुवल्लुवर द्वारा रचित ‘तिरुक्कुरल’ जीवन दर्शन, नीति, नैतिकता और सुशासन के सिद्धांतों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। पीएम मोदी द्वारा रूसी अनुवाद में यह ग्रंथ उपहार में देना दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव को भी रेखांकित करता है।
भारत-रूस साझेदारी को नई मजबूती-
भारत और रूस के बीच दशकों पुराना रणनीतिक और भरोसेमंद रिश्ता रहा है। भारत इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में पुतिन की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी सीधी बातचीत को दोनों देशों के आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई गति देने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में दोनों पक्षों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहे, जो विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत मंडपम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम-
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और इस अहम बैठक को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र और खासतौर पर प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत के निष्कर्षों और आधिकारिक बयानों का कूटनीतिक विश्लेषकों को इंतजार है।
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