Noida Power Theft: हरनंदी के डूब क्षेत्र की अवैध कॉलोनियों में बिजली चोरी के मामले में विद्युत निगम के तीन जेई समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि अवैध कनेक्शन और निजी मीटर के जरिए लंबे समय से बिजली की सप्लाई की जा रही थी।
Noida Power Theft: तीन जेई समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा-
हरनंदी के डूब क्षेत्र में बिजली चोरी के मामले में विद्युत निगम के तीन अवर अभियंता (जेई) समेत 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई जेई अनुज कुमार की शिकायत पर सेक्टर-63 थाने में दर्ज मुकदमे के बाद सामने आई है। मामले में विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Noida Power Theft: छिजारसी, चोटपुर और पर्थला में चल रहा था नेटवर्क-
आरोप है कि डूब क्षेत्र की छिजारसी, चोटपुर और पर्थला की कॉलोनियों में अवैध लाइन बिछाकर बिजली की सप्लाई की जा रही थी। इसके लिए स्थानीय ठेकेदारों और बिचौलियों के जरिए उपभोक्ताओं से रकम वसूली जाती थी। बताया गया है कि एक वैध और कृषि कनेक्शन के आधार पर कई घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी। पर्थला और छिजारसी में करीब 200 किलोवाट के एक कनेक्शन से 150 से अधिक घरों को अवैध रूप से बिजली देने का आरोप है।
कनेक्शन के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये वसूली का आरोप-

मामले में आरोप है कि नए कनेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं से पहले 25 से 30 हजार रुपये लिए जाते थे। इसके बाद निजी मीटर लगाकर बिजली की प्रति यूनिट 10 से 11 रुपये तक वसूले जाने का आरोप है। छिजारसी और चोटपुर क्षेत्र में करीब 13 हजार अवैध कनेक्शनों का मामला सामने आने की बात कही गई है।
हर महीने करोड़ों की बिजली चोरी का आरोप-
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक इन कॉलोनियों में हर महीने करीब 1.5 से 1.8 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही थी। आरोप है कि ठेकेदारों ने अपनी लाइन बिछाकर उसे 11 केवी लाइन से जोड़ दिया था। इसके बाद अवैध कॉलोनियों में घरों तक बिजली पहुंचाई जाती थी।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों पर केस-
मामले में विद्युत निगम के जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें:
– अवर अभियंता शशि भूषण
– राजीव शर्मा
– नितिन अरोड़ा
– चित्रांश गुप्ता (टीजी-2)
– लाइनमैन आरिफ
– घनश्याम
– सर्वेश
– अजीत
– बबी शर्मा
– देवेंद्र कुमार
शामिल हैं।
ठेकेदार और बिचौलियों के नाम भी सामने आए-
मामले में कई ठेकेदारों और बिचौलियों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। इनमें चोटपुर निवासी मनोज उपाध्याय, नुरूल हसन, कैलाश यादव, छिजारसी निवासी मुन्नी नूरानी, बब्बन सिंह, हंसमुख, आम्बेडकर सिटी निवासी बन्नी यादव, बिजेंद्र यादव, बालाजी एन्क्लेव निवासी शिवकुमार, सोनू यादव, राहुल यादव और सूरज कुमार के नाम शामिल हैं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर-
बिजली चोरी के इस मामले में विद्युत निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों, ठेकेदारों और बिचौलियों की कथित भूमिका जांच के दायरे में है। मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि अवैध बिजली नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कौन-कौन लोग किस स्तर तक शामिल थे।









