Gujarat Plant Accident: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के दहेज प्लांट हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की पहचान कर उन्हें मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने हादसे से जुड़े मुआवजे की राशि को एक और साल के लिए एफडी में रखने का आदेश दिया है।
Gujarat Plant Accident: मृतकों और परिवारों की अब तक नहीं हुई पहचान-
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि हादसे के पीड़ितों को दिए जाने के लिए करीब 3.27 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा हैं।
Gujarat Plant Accident: मृतकों के परिवारों की पहचान कराने का आदेश-
मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से कहा कि वह इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवार के सदस्यों की पहचान की जा सके। कोर्ट ने कहा कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।
NGT ने लगाया था 13.5 करोड़ रुपये का जुर्माना-
इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने 29 मई 2024 को ‘पोल्यूटर पे’ यानी प्रदूषण फैलाने वाला भुगतान करे के सिद्धांत के तहत पीएसयू पर करीब 13.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। NGT ने निर्देश दिया था कि इस राशि का इस्तेमाल गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) द्वारा प्लांट के 10 किलोमीटर के दायरे में पौधे लगाने और पर्यावरण सुधार से जुड़े कार्यों में किया जाए।
पर्यावरण सुधार के लिए इस्तेमाल होनी है जुर्माने की राशि-
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जुर्माने की राशि के इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की दलील पर भी गौर किया। NGT के निर्देश के अनुसार, करीब 13.5 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल पर्यावरण सुधार और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने से जुड़े कार्यों के लिए किया जाना है।
3.27 करोड़ रुपये एक साल के लिए FD में रहेंगे-
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि हादसे के पीड़ितों के लिए जमा करीब 3.27 करोड़ रुपये की राशि को एक और साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा जाए। इस दौरान मृतकों और उनके परिवारों की पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र परिवारों तक मुआवजे की राशि पहुंचाई जा सके।









