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दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का नोटिस, मातोश्री पहुंचे पिता

 Disha Salian Case:

Disha Salian Case: दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। शनिवार को सतीश सालियान अपने वकील के साथ आदित्य ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे और गेट पर ही कानूनी नोटिस सौंपकर लौट गए।

Disha Salian Case: दोनों नेताओं के बयानों पर उठाए सवाल-

सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के बयानों से दिशा के लिए न्याय की उनकी लड़ाई को राजनीतिक साजिश के तौर पर पेश किया गया। नोटिस में इन बयानों को गलत, भ्रामक और मानहानिकारक बताया गया है। नोटिस के मुताबिक, इन बयानों से यह संदेश गया कि दिशा सालियान के मामले को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सतीश सालियान ने दोनों नेताओं से 500 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही सात दिन के भीतर सभी मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक माफी मांगने को कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Disha Salian Case: नोटिस में पुराने बयानों का भी जिक्र-

कानूनी नोटिस में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के पुराने बयानों का भी उल्लेख किया गया है। आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले में अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताया था। वहीं, नोटिस में अनिल देशमुख के 23 मार्च 2025 के बयान का भी जिक्र है। देशमुख ने कहा था कि दिशा सालियान मामले के जरिए आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश रची गई। सतीश सालियान का आरोप है कि ऐसे बयानों से उनकी बेटी के लिए न्याय की मांग को ही राजनीतिक साजिश के तौर पर पेश किया गया।

CBI जांच को लेकर भी उठाया गया मुद्दा-

दिशा सालियान की मौत की जांच को लेकर 2 सितंबर 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। इस दौरान CBI की ओर से अदालत को बताया गया कि उसने इससे पहले इस मामले की जांच नहीं की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने CBI को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। नोटिस में इसी तथ्य का हवाला देते हुए कहा गया है कि CBI की पिछली जांच का उल्लेख कर परिवार की न्याय की मांग पर सवाल उठाना उचित नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, जांच के दौरान किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आने वाले सबूतों के आधार पर तय की जाएगी।

शिवसेना UBT कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध-

सतीश सालियान के मातोश्री पहुंचने के बाद शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने इसे मातोश्री और पार्टी को बदनाम करने की कोशिश बताया। यह कार्यकर्ताओं का पक्ष है। अब देखना होगा कि आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख की ओर से इस कानूनी नोटिस पर क्या जवाब दिया जाता है और सतीश सालियान आगे क्या कानूनी कदम उठाते हैं

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