Home » ग्राउंड रिपोर्ट » ‘जय श्रीराम’ बोलने से अब डर नहीं लगता? भाजपा सरकार के 5 महीने बाद बंगाल की महिलाओं ने बताया बदलाव

‘जय श्रीराम’ बोलने से अब डर नहीं लगता? भाजपा सरकार के 5 महीने बाद बंगाल की महिलाओं ने बताया बदलाव

बंगाल में भाजपा सरकार के बाद क्या बदला?

West Bengal: पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बने करीब 5 महीने का समय बीत चुका है। इसी बीच जमीनी स्तर पर लोगों के बीच यह जानने की कोशिश की गई कि सरकार बदलने के बाद उनके रोजमर्रा के जीवन और माहौल में कितना बदलाव आया है। एक ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान स्थानीय महिलाओं से बातचीत की गई और उनसे धार्मिक स्वतंत्रता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अपराध और गुंडागर्दी से जुड़े मुद्दों पर उनके अनुभव पूछे गए।

West Bengal: ‘जय श्रीराम’ बोलने में अब डर नहीं लगता

बातचीत के दौरान महिलाओं से पूछा गया कि क्या आज भी ‘जय श्रीराम’ बोलने में उन्हें किसी तरह की परेशानी या डर महसूस होता है। इस पर एक महिला ने कहा कि अब ऐसा कोई डर नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर कुछ लोगों द्वारा उनके घर पर हमला किए जाने की स्थिति बन जाती थी। उनके अनुसार उस समय ऐसा माहौल था कि कई लोग धार्मिक पूजा करने से भी डरते थे।महिला ने कहा कि अब वे खुले तौर पर भगवान की पूजा कर पा रहे हैं और अपने दूसरे काम भी सामान्य तरीके से कर रहे हैं। उनका कहना था कि जो लोग पहले अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते थे, वे अब खुलकर बोल रहे हैं। उन्होंने इसे बड़े बदलाव के तौर पर बताया।

‘भाजपा सरकार आने के बाद बदलाव महसूस हो रहा है’

महिलाओं से जब पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद हुए बदलाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें काफी अंतर दिखाई दे रहा है। उनका कहना था कि आगे भी स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है। बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई।

West Bengal: ‘पहले घर पर हमले का डर रहता था’

एक महिला ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं की ओर से ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाने पर उनके घर पर हमला किए जाने का डर रहता था। उन्होंने कहा कि उस समय बजरंगबली का झंडा लगाने जैसी धार्मिक गतिविधियों को लेकर भी लोग चिंतित रहते थे।महिला के मुताबिक, पहले कई लोग पूजा-पाठ करने से भी डरते थे, लेकिन अब वे बिना किसी डर के भगवान की पूजा कर रहे हैं और अपने काम कर पा रहे हैं।

महिलाओं से सुरक्षा को लेकर भी सवाल

ग्राउंड रिपोर्ट में महिलाओं से पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में भी सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि क्या अब भी उन्हें किसी बड़ी आपराधिक घटना को लेकर डर महसूस होता है। इस पर महिला ने कहा कि अब उन्हें पहले जैसी चिंता महसूस नहीं होती।रिपोर्ट के दौरान यह भी सवाल उठाया गया कि चुनाव से पहले कई लोग कैमरे के सामने खुलकर अपनी बात कहने से बचते थे। उन्हें डर रहता था कि अगर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिया, तो वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। बातचीत में महिला ने कहा कि अब उन्हें इस तरह का डर महसूस नहीं होता।

West Bengal: ‘गुंडागर्दी पहले जैसी नहीं दिख रही’

पश्चिम बंगाल में अपराध और राजनीतिक गुंडागर्दी को लेकर भी महिलाओं से सवाल किए गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या पहले गुंडागर्दी करने वाले लोग अब भी उसी तरह सक्रिय हैं, तो महिला ने कहा कि उन्हें अब पहले जैसी स्थिति देखने को नहीं मिल रही है।उन्होंने कहा कि कई ऐसे लोग अब दिखाई नहीं देते और माहौल पहले की तुलना में बेहतर महसूस हो रहा है। उन्होंने इसे रास्ते साफ होने और स्थिति में बदलाव से जोड़कर बताया।

यूपी जैसी कार्रवाई की उम्मीद?

ग्राउंड रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई का भी जिक्र हुआ। रिपोर्टर ने सवाल किया कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा होती है, क्या पश्चिम बंगाल में भी उसी तरह की कार्रवाई देखने को मिल रही है या लोगों को इसकी उम्मीद है।

इस दौरान योगी आदित्यनाथ के संभावित बंगाल दौरे को लेकर भी महिलाओं से सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि अगर योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल आते हैं तो उनका किस तरह स्वागत किया जाएगा। महिला ने जवाब दिया कि उनका बहुत अच्छे तरीके से स्वागत किया जाएगा और ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ उनका स्वागत करने की बात कही।

West Bengal: सीमा क्षेत्रों और घुसपैठ का भी उठा मुद्दा

रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों का मुद्दा भी उठाया गया। इसमें घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों को लेकर चुनाव के दौरान उठाए गए सवालों का उल्लेख किया गया। रिपोर्टर ने यह भी सवाल किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद इन मुद्दों पर क्या बदलाव आया है और सरकार अपराध तथा अवैध गतिविधियों के खिलाफ किस तरह कार्रवाई कर रही है।ग्राउंड रिपोर्ट में यह भी याद दिलाया गया कि चुनाव से पहले भाजपा की ओर से सुरक्षा, अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर कई दावे किए गए थे। अब सरकार बनने के करीब 5 महीने बाद लोगों से यह समझने की कोशिश की गई कि जमीनी स्तर पर वे इन बदलावों को किस तरह देख रहे हैं।

योगी के बंगाल आने पर ‘फूलों से स्वागत’ की बात

बातचीत के अंत में योगी आदित्यनाथ के पश्चिम बंगाल दौरे से जुड़ा सवाल भी किया गया। रिपोर्टर ने पुराने राजनीतिक विवाद का जिक्र करते हुए पूछा कि अगर योगी आदित्यनाथ अब बंगाल आते हैं तो स्थानीय लोग उनका किस तरह स्वागत करेंगे।इस पर महिला ने कहा कि उनका बहुत अच्छे तरीके से स्वागत किया जाएगा। उन्होंने फूलों से स्वागत करने की बात कही। बातचीत के दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारों के साथ उनके स्वागत की बात भी सामने आई।