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यूपी में 2027 चुनाव को लेकर महिलाओं और स्थानीय लोगों ने रखी राय, योगी सरकार के कामकाज पर जताया भरोसा

2027 चुनाव पर महिलाओं ने बताई अपनी पसंद

UP 2027 Election: उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच ख़बर इंडिया की एक रिपोर्ट में स्थानीय महिलाओं और अन्य लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की गई कि वे मौजूदा सरकार के कामकाज को किस नजरिए से देखते हैं और आगामी चुनाव को लेकर उनकी क्या राय है। बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार, महिलाओं की सुरक्षा, पेंशन, राशन, रोजगार, सड़क, पानी और विकास जैसे कई मुद्दों पर लोगों ने अपनी बात रखी।

UP 2027 Election: योगी आदित्यनाथ को फिर मुख्यमंत्री देखने की बात

रिपोर्ट में बातचीत करने वाली कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति समर्थन जताया। उनका कहना था कि सरकार की ओर से बुजुर्गों को पेंशन, राशन और इलाज जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। एक महिला ने कहा कि जब पेंशन और राशन मिल रहा है तो इससे ज्यादा और क्या चाहिए।कुछ महिलाओं ने यह भी कहा कि वे 2027 में योगी आदित्यनाथ को फिर मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। बातचीत में एक महिला ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि भविष्य में प्रधानमंत्री भी बनें।

महिलाओं ने सुरक्षा को बताया अहम मुद्दा

महिलाओं से जब योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव में से उनकी पसंद के बारे में पूछा गया तो कई महिलाओं ने योगी आदित्यनाथ का नाम लिया। उनका कहना था कि उन्हें सरकार के कार्यों और खासकर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव महसूस हुआ है।कुछ महिलाओं ने कहा कि पहले शाम के बाद बाहर निकलने में डर लगता था, लेकिन अब वे रात तक अपने काम से बाहर जा सकती हैं। बातचीत में यह दावा भी किया गया कि बाजार, सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है।

UP 2027 Election: पेंशन, राशन और सरकारी योजनाओं का भी जिक्र

स्थानीय महिलाओं ने सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार बुजुर्गों को पेंशन मिल रही है और जरूरतमंद परिवारों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। दवाइयों और अन्य सरकारी सुविधाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।एक महिला ने कहा कि सरकार की योजनाओं से उनके परिवार को आर्थिक रूप से सहारा मिला है। उनका कहना था कि इन सुविधाओं की वजह से परिवार का खर्च चलाने में मदद मिलती है।

रोजगार और महिलाओं के काम करने पर भी हुई चर्चा

रिपोर्ट में महिलाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी सामने आया। बातचीत में शामिल एक महिला ने बताया कि उन्हें काम मिला है और उन्हें लगता है कि योग्यता रखने वालों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।महिलाओं ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। बातचीत में कहा गया कि पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को करीब 8 हजार रुपये मिलते थे, जो अब बढ़कर लगभग 12 से 13 हजार रुपये तक पहुंच गया है।इसके अलावा महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने, लखपति दीदी बनने और ड्रोन चलाने जैसे उदाहरण भी दिए गए। रिपोर्ट में महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की योजनाओं पर चर्चा की गई।

UP 2027 Election: सड़क, पानी और गैस की सुविधाओं का जिक्र

बातचीत में स्थानीय लोगों ने विकास से जुड़े कामों की भी चर्चा की। लोगों ने कहा कि कई इलाकों में सड़क और पानी की सुविधाएं बेहतर हुई हैं। घर-घर शौचालय बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया।एक महिला ने बताया कि पहले गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार दो-तीन दिन तक लाइन में लगना पड़ता था। उनके मुताबिक अब गैस की व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है।

राम मंदिर निर्माण को लेकर भी रखी राय

बातचीत में अयोध्या और राम मंदिर का मुद्दा भी सामने आया। कुछ लोगों ने कहा कि पहले रामलला को टेंट में रखा जाता था, जबकि अब भव्य मंदिर में दर्शन किए जा रहे हैं।एक महिला ने कहा कि रामलला को भव्य मंदिर में देखकर उन्हें अच्छा लगता है। इसी बातचीत में कृष्ण से जुड़े धार्मिक स्थलों के विकास की इच्छा भी व्यक्त की गई।

UP 2027 Election: अखिलेश यादव पर लोगों ने की टिप्पणी

रिपोर्ट में कुछ लोगों ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर भी अपनी राय रखी। कुछ वक्ताओं ने उनके बयानों और चुनावी दावों पर सवाल उठाए। एक व्यक्ति ने कहा कि केवल भगवा यात्रा निकालने या अलग-अलग तरह के कपड़े पहनने से चुनाव में सफलता नहीं मिलती।बातचीत में अखिलेश यादव के धार्मिक प्रतीकों से जुड़े पोस्टरों और बयानों का भी जिक्र किया गया। एक वक्ता ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय धार्मिक मुद्दों को लेकर अलग-अलग तरह की बातें की जाती हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से धार्मिक स्थलों पर जाने और वहां दर्शन करने को लेकर भी सवाल किए।एक वक्ता ने पत्रकारों के साथ व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ सवाल पूछे जाने पर पत्रकारों से उनकी जाति पूछी जाती है और जाति के आधार पर उनके साथ अलग व्यवहार किए जाने की बात कही जाती है। इसे लेकर वक्ता ने दोहरे रवैये का आरोप लगाया।

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर भी हुई चर्चा

रिपोर्ट में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के मुद्दे का भी जिक्र हुआ। बातचीत में एक वक्ता ने कहा कि अगर देश में चुनाव एक साथ कराए जाते हैं तो चुनावी खर्च कम हो सकता है।उन्होंने तर्क दिया कि फिलहाल अलग-अलग राज्यों में अलग समय पर चुनाव होने से सरकार और राजनीतिक दलों का खर्च बढ़ता है। एक साथ चुनाव होने की स्थिति में देश के पैसे की बचत होने की बात उन्होंने कही।

UP 2027 Election: विकास कार्यों को लेकर स्थानीय लोगों ने गिनाए काम

कुछ स्थानीय लोगों ने अपने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि पहले कई जगहों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, लेकिन अब सड़क और अन्य विकास परियोजनाओं पर काम हो रहा है।एक व्यक्ति ने बताया कि क्षेत्र में बड़ी परियोजना के तहत करीब 1 हजार करोड़ रुपये की लागत से लोगों के लिए घर बनाए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उनके मुताबिक सरकारी सहायता की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है और बीच में किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं है।

2027 चुनाव को लेकर समर्थन की बात

बातचीत के अंत में जब लोगों से पूछा गया कि 2027 में वे किसे समर्थन देना चाहते हैं, तो कई लोगों ने योगी आदित्यनाथ का नाम लिया। कुछ लोगों ने दावा किया कि 2027 में योगी आदित्यनाथ फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।वहीं, कुछ वक्ताओं ने अखिलेश यादव के इस दावे को भी खारिज किया कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के पक्ष में लहर है। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम मतदाताओं के मतदान और आधिकारिक चुनावी नतीजों के बाद ही सामने आएगा।