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बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अनोखी श्रद्धा, 413 दिनों से दंडवत यात्रा कर काजीगुंड पहुंचा यूपी का श्रद्धालु

413 दिन की दंडवत यात्रा से बाबा बर्फानी तक

Amarnath Dandwat Yatra: अमरनाथ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक श्रद्धालु अपनी अनोखी भक्ति के कारण चर्चा में आ गए हैं। महोबा के रहने वाले सुनील दंडवत यात्रा करते हुए जम्मू-कश्मीर के काजीगुंड तक पहुंच चुके हैं। उनकी यह कठिन धार्मिक यात्रा अब 413 दिन पूरी कर चुकी है।सुनील पैदल चलने के बजाय थर्मोकोल की एक शीट पर पेट के बल लेटकर बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इस अटूट आस्था को देखकर अमरनाथ यात्रा मार्ग से गुजरने वाले लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। जब सुनील काजीगुंड पहुंचे तो कई श्रद्धालु उन्हें देखने और उनके बारे में जानने के लिए वहां रुक गए।

सुरक्षा बल कर रहे हैं मदद

सुनील की यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अमरनाथ यात्रा में तैनात सुरक्षाकर्मी भी उनका साथ दे रहे हैं। व्यस्त हाईवे पर उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जवान लगातार उनके साथ चल रहे हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में सुनील ने बताया, “मैं अमरनाथ धाम के लिए दंडवत यात्रा कर रहा हूं। मेरी यात्रा को 413 दिन हो चुके हैं। देश में सुख-शांति बनी रहे, बाबा बर्फानी के पास मैं यही प्रार्थना लेकर जा रहा हूं।”सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा, “मैं यह यात्रा अकेले कर रहा हूं, लेकिन सुरक्षाबलों के जवान मेरी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कर रहे हैं।”

Amarnath Dandwat Yatra: 413 दिन की दंडवत यात्रा से बाबा बर्फानी तक
413 दिन की दंडवत यात्रा से बाबा बर्फानी तक
26 दिनों में 4.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

बता दें कि बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं। यात्रा शुरू होने के केवल 26 दिनों के अंदर ही 4.15 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र गुफा के दर्शन कर चुके हैं।श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हेली हॉपिंग सेवा भी शुरू की है। इस सुविधा के जरिए श्रद्धालु धार्मिक स्थलों के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों का भी दौरा कर सकते हैं।अमरनाथ गुफा मंदिर में हर साल बर्फ से एक प्राकृतिक संरचना बनती है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव का स्वरूप मानते हैं। मान्यता है कि यह बर्फीली संरचना चंद्रमा की कलाओं के अनुसार आकार में घटती और बढ़ती रहती है। भक्त इसे भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानकर पूजा करते हैं।

दो रास्तों से होती है बाबा बर्फानी की यात्रा

अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु मुख्य रूप से दो रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। पहला रास्ता पारंपरिक नुनवान (पहलगाम) मार्ग है, जिसकी लंबाई करीब 47 किलोमीटर है। दूसरा रास्ता बालटाल बेस कैंप से होकर जाता है, जो लगभग 14 किलोमीटर लंबा और छोटा मार्ग है।बालटाल मार्ग से जाने वाले श्रद्धालु गुफा में दर्शन करने के बाद उसी दिन वापस बेस कैंप लौट सकते हैं। वहीं, पहलगाम मार्ग से यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को पवित्र गुफा तक पहुंचने में लगभग चार दिन का समय लगता है।

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