Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ‘मिशन 70 लाख पौधारोपण’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान नरेला में उच्च सुरक्षा वाली नई जेल की आधारशिला रखी गई, स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया गया, तीन नए डिपो राष्ट्र को समर्पित किए गए और 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अपने संबोधन में अमित शाह ने यमुना की सफाई, दिल्ली के हरित विकास और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल पर भी विस्तार से बात की।
यमुना प्रदूषण पर पूर्ववर्ती सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में प्रतिदिन लगभग 1,500 मीट्रिक टन गोबर यमुना नदी में डाला जाता था, जिससे नदी का प्रदूषण लगातार बढ़ा। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली सरकार और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड मिलकर इस व्यवस्था को बदलेंगे। इसके लिए जल्द ही एक समझौता किया जाएगा, जिसके तहत गोबर का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उससे बायोगैस और प्राकृतिक खाद तैयार की जाएगी। उनका कहना था कि इस पहल से यमुना में गोबर जाने पर पूरी तरह रोक लगेगी और नदी के शुद्धिकरण में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

Amit Shah: एसटीपी के जरिए यमुना में पहुंचेगा केवल शुद्ध पानी
गृह मंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई के लिए दिल्ली सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 129 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष के अंत तक 29 नए प्लांट और स्थापित किए जाएंगे। इन संयंत्रों के संचालन के बाद यमुना में केवल शुद्ध किया गया पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी एसटीपी से निकलने वाला पानी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो, जिससे नदी का प्रदूषण कम करने में प्रभावी सहायता मिलेगी।
रिज क्षेत्र बनेगा दिल्ली का ‘ग्रीन लंग्स’
अमित शाह ने घोषणा की कि अगले तीन वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य रिज क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी का ‘ग्रीन लंग्स’ बनाना है। इसके तहत पंचवटी वन, नक्षत्र वन, बेल वन, ऋतु वन, ऋषि वन, तीर्थंकर वन, वामन वृक्ष वन और पुरानी वाटिका जैसे थीम आधारित वन विकसित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पर्यावरण के लिए अनुपयुक्त विलायती बबूल जैसे पेड़ों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे, जिससे जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
Amit Shah: देशी वृक्षों के रोपण से मजबूत होगा पर्यावरण
गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 1994 में अधिसूचित दिल्ली के 7,784 हेक्टेयर रिज क्षेत्र की अंतिम अधिसूचना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब सरकार ने लगभग 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र को वन क्षेत्र घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे रिज क्षेत्र को कानूनी संरक्षण देना है। अगले तीन वर्षों में पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन और जामुन सहित कई देशी प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और राजधानी को अधिक हरित, स्वच्छ तथा पर्यावरण-अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।
Written by- Rashmi Sharma








