Arshad Madani: मौलाना अरशद मदनी ने जमीयत उलमा-ए-हिंद की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में केंद्र सरकार और भाजपा पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में अब नफरत की राजनीति की जगह डर और धमकी की राजनीति ने ले ली है, जिसका मकसद मुसलमानों को भयभीत करना है।
मौलाना मदनी ने कहा कि कुछ लोग सत्ता हासिल करने के लिए देश के अमन, एकता और भाईचारे के साथ खतरनाक खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुसलमानों को सार्वजनिक रूप से अपमानित और धमकाया जा रहा है।
वंदे मातरम् और मदरसों का मुद्दा उठाया
मौलाना मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् जैसे विवादित गीत को राष्ट्रीय गीत घोषित कर भाजपा शासित राज्यों में अनिवार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह उनके धार्मिक विश्वासों के खिलाफ है और इसके विरोध में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिदों, मकबरों और मदरसों को अवैध बताकर कार्रवाई की जा रही है। मदरसों के खिलाफ लगातार नए आदेश जारी किए जा रहे हैं, जिससे मुस्लिम समुदाय में चिंता बढ़ रही है।
Arshad Madani: SIR को बताया NRC जैसा कदम
मौलाना मदनी ने SIR प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल मतदाता सूची सुधार नहीं, बल्कि NRC जैसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों को संदिग्ध मतदाता घोषित किया जा रहा है। उन्होंने मुसलमानों से सतर्क रहने और सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की अपील की।
‘इस्लाम को खत्म नहीं किया जा सकता’
मौलाना मदनी ने कहा कि पहले मुसलमान निशाने पर थे, लेकिन अब इस्लाम को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ताकतों ने इस्लाम को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन वे स्वयं खत्म हो गईं और इस्लाम कायम रहा। उन्होंने कहा, “इस्लाम एक आसमानी धर्म है। उसे मिटाने वाले मिट गए, लेकिन इस्लाम जिंदा रहा और कयामत तक जिंदा रहेगा।”
Arshad Madani: देशभक्ति पर भी दिया बयान
मौलाना मदनी ने कहा कि भारत का मुसलमान देशभक्त नागरिक है और देश की प्रगति में बराबर का सहभागी है। उन्होंने कहा कि संविधान ने मुसलमानों को अधिकार दिए हैं और वे किसी भी स्थिति में दूसरे दर्जे का नागरिक बनना स्वीकार नहीं करेंगे।








