Asaram Bail Plea: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका पर फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया। हालांकि, अदालत ने मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
Asaram Bail Plea: ‘अभी जमानत नहीं दे रहे’— सुप्रीम कोर्ट-
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राज्य सरकार का पक्ष सुने बिना जमानत पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जीवन को खतरे जैसी गंभीर परिस्थितियां सामने आती हैं, तभी जमानत की आवश्यकता पर विचार किया जाएगा।
Asaram Bail Plea: स्वास्थ्य का हवाला देकर मांगी थी राहत-
आसाराम की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उनकी उम्र काफी अधिक हो चुकी है और वे कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। वकीलों ने विशेष इलाज के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना।
राजस्थान हाईकोर्ट भी खारिज कर चुका है याचिका-
इससे पहले मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी। इसके बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना पड़ा था। हाईकोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
2018 में मिली थी उम्रकैद की सजा-
आसाराम को वर्ष 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने अपने आश्रम में नाबालिग शिष्या से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए प्राकृतिक जीवनकाल तक की उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह कई बार स्वास्थ्य और अन्य आधारों पर जमानत की मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी राहत नहीं मिल सकी।
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