Home » उत्तर प्रदेश » राम मंदिर में अब होगा कॉर्पोरेट स्टाइल मैनेजमेंट, CEO के हाथ में होगी जिम्मेदारी, जानिए क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

राम मंदिर में अब होगा कॉर्पोरेट स्टाइल मैनेजमेंट, CEO के हाथ में होगी जिम्मेदारी, जानिए क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं?

Ayodhya News

Ayodhya News: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन को और अधिक व्यवस्थित एवं पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट पहली बार राम मंदिर के लिए एक प्रोफेशनल मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और वीआईपी प्रबंधन को लेकर भी कई अहम बदलावों की तैयारी की जा रही है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

हाल के दिनों में मंदिर की व्यवस्थाओं और दान प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बाद ट्रस्ट ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का फैसला किया है। ट्रस्ट का मानना है कि बड़े धार्मिक संस्थान के संचालन के लिए पेशेवर प्रबंधन की जरूरत है, ताकि वित्तीय पारदर्शिता, सुरक्षा, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और दैनिक संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके। 

Ayodhya News: कैसा होगा नया CEO?

ट्रस्ट द्वारा तय किए गए मानकों के अनुसार CEO पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का स्नातक होना जरूरी होगा। साथ ही उसके पास प्रशासन, वित्त या प्रबंधन के क्षेत्र में कम से कम 20 वर्षों का अनुभव होना चाहिए। मंदिर या धार्मिक संस्थानों के संचालन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित CEO का शुरुआती कार्यकाल तीन वर्ष का होगा और उन्हें अयोध्या में रहकर जिम्मेदारी निभानी होगी। CEO की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन किया गया है। यह समिति आवेदन प्राप्त होने के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करेगी और इंटरव्यू के बाद ट्रस्ट को अंतिम नामों की सिफारिश करेगी। आवेदन प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा तक जारी रहेगी, जिसके बाद चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने की योजना है। भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक प्रबंधन प्रणाली लागू करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा वीआईपी विजिट से आम श्रद्धालुओं को कम से कम असुविधा हो, इस दिशा में भी नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। ट्रस्ट का मानना है कि प्रोफेशनल CEO की नियुक्ति से राम मंदिर का प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित होगा। यह कदम भविष्य में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर की व्यवस्थाओं को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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