Home » राष्ट्रीय » राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश यादव के इशारे पर हुई चोरी- परमहंस आचार्य

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अखिलेश यादव के इशारे पर हुई चोरी- परमहंस आचार्य

Ram Mandir: श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बड़ा बयान देते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावा चोरी की घटना

Ram Mandir: श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बड़ा बयान देते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चढ़ावा चोरी की घटना समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के इशारे पर हुई और इसका उद्देश्य राम मंदिर तथा सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना था। साथ ही उन्होंने विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी को इस पूरे मामले में निर्दोष बताया।

अखिलेश यादव पर लगाए गंभीर आरोप

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि चढ़ावा चोरी कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनका दावा है कि कुछ लोगों ने समाजवादी पार्टी प्रमुख के इशारे पर इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कथित रूप से सामने आए कॉल रिकॉर्ड इस पूरे मामले की ओर इशारा करते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Ram Mandir: विपक्ष पर राम मंदिर को बदनाम करने का आरोप

परमहंस आचार्य ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों ने एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत इस विवाद को हवा दी है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी को बिना किसी आधार के निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इन संगठनों का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

मंदिर मामलों में सरकारी हस्तक्षेप पर भी उठाया सवाल

उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे धार्मिक संस्थानों के मामलों में सरकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि भविष्य में यदि धर्म विरोधी सोच वाली सरकार सत्ता में आती है, तो मंदिरों की मूल भावना और धार्मिक परंपराओं को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए मंदिरों की स्वायत्त व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।

Ram Mandir: श्रद्धालुओं से मंदिर आने की अपील

परमहंस आचार्य ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पहले की तरह श्रीराम मंदिर में दर्शन के लिए आते रहें। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन उन लोगों के लिए जवाब होगा, जो मंदिर और सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संत समाज पहले भी मंदिर प्रशासन के साथ था और आगे भी बना रहेगा।