BCD ELECTION: दिल्ली बार काउंसिल (BCD) चुनाव 2026 में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसकी पूरे अधिवक्ता समुदाय में चर्चा हो रही है। उन्होंने सभी उम्मीदवारों में सबसे अधिक मत हासिल करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और दिल्ली बार काउंसिल चुनाव के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा जनादेश अपने नाम किया। सबसे कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले पीयूष गुप्ता की जीत को युवा नेतृत्व, भरोसे और प्रभावी कार्यशैली की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
रिकॉर्ड मतों के साथ ऐतिहासिक जीत
दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को तीन दिवसीय मतदान हुआ। चुनाव में 221 उम्मीदवारों ने 18 सामान्य सीटों, 5 महिला आरक्षित सीटों और 2 महिला को-ऑप्शन सीटों के लिए चुनाव लड़ा। कुल 57,200 मत डाले गए, जबकि जीत का निर्धारित कोटा 2,323 मत था। 7 मार्च से जारी मतगणना में बैलट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे एडवोकेट “पीयूष गुप्ता” ने सभी प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर “बी.एस. जाखड़” और तीसरे स्थान पर “मुरारी तिवारी” रहे। पियूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत प्राप्त कर दिल्ली बार काउंसिल चुनाव के इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम किया।
BCD ELECTION: 2018 की जीत के बाद दूसरी बड़ी सफलता
यह पहली बार नहीं है जब एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने बार काउंसिल चुनाव में जीत हासिल की हो। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल का चुनाव जीता था। वे बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के सबसे युवा सह-अध्यक्ष और सचिव रह चुके हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। वर्तमान में वे दिल्ली उच्च न्यायालय में भारत सरकार के स्थायी अधिवक्ता तथा सर्वोच्च न्यायालय में उत्तराखंड सरकार के उप महाधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

कार्यशैली की दम पर मिला अधिवक्ताओं का भरोसा
अपने पिछले कार्यकाल में पीयूष गुप्ता ने फर्जी गतिविधियों और हिंसा में शामिल वकीलों के खिलाफ कई अहम निर्णय लिए, जिसकी प्रैक्टिसिंग अधिवक्ताओं ने खुलकर सराहना की। अधिवक्ता समाज का मानना है कि उनके कार्यों ने बार काउंसिल की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण रहा कि इस बार उन्हें रिकॉर्ड मतों के साथ ऐतिहासिक जीत मिली।
BCD ELECTION: युवा नेतृत्व को मिला मजबूत जनादेश
लगातार दूसरी बार कम उम्र में चुनाव जीतने और इस बार सबसे अधिक मतों के साथ प्रथम स्थान हासिल करने से एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने यह साबित किया है कि युवा सोच, पारदर्शी नेतृत्व और सक्रिय कार्यशैली को अधिवक्ता समाज का व्यापक समर्थन प्राप्त है। उनकी यह जीत केवल एक चुनावी सफलता नहीं, बल्कि दिल्ली बार काउंसिल के इतिहास में दर्ज एक नया कीर्तिमान मानी जा रही है।








