Home » पश्चिम बंगाल » TMC के गढ़ में भाजपा का कब्जा, मधुमिता घोष ने कई हजार वोटों से जीती हरिपाल सीट

TMC के गढ़ में भाजपा का कब्जा, मधुमिता घोष ने कई हजार वोटों से जीती हरिपाल सीट

मधुमिता घोष ने कई हजार वोटों से जीती हरिपाल सीट

Bengal Election Results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुगली जिले की टीएमसी की मजबूत मानी जाने वाली हरिपाल विधानसभा सीट पर भाजपा ने बड़ा उलटफेर किया है। भाजपा उम्मीदवार मधुमिता घोष ने 27 राउंड की मतगणना के बाद तृणमूल कांग्रेस की कराबी मन्ना को 3,488 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। मधुमिता घोष को 1,13,332 वोट मिले, जबकि टीएमसी उम्मीदवार कराबी मन्ना को 1,09,844 वोट प्राप्त हुए। इस नजदीकी मुकाबले के नतीजे रात 10:30 बजे घोषित किए गए। हरिपाल में 92.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि पूरे हुगली जिले में 91.98 प्रतिशत वोटिंग हुई।

कौन है भाजपा प्रत्याशी मधुमिता घोष?

भाजपा प्रत्याशी मधुमिता घोष (52) 12वीं पास हैं। उनके खिलाफ 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनकी कुल संपत्ति 1.1 करोड़ रुपए है और कोई देनदारी नहीं है। वहीं टीएमसी प्रत्याशी कराबी मन्ना (51) के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उनकी कुल संपत्ति 12.1 करोड़ रुपए है, जबकि 3 करोड़ रुपए की देनदारी है। हरिपाल मुख्य रूप से एक ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र है, जिसमें हरिपाल सामुदायिक विकास खंड और सिंगूर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी। पहले यहां संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया का प्रभाव था। 1977 से 2006 तक सीपीआई(एम) ने यहां लगातार सात बार जीत हासिल की। 2011 से तृणमूल कांग्रेस ने इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया। बेचाराम मन्ना ने 2011 और 2016 में बड़ी जीत दर्ज की। 2021 में उनकी पत्नी कराबी मन्ना ने भाजपा को 23,072 वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी थी।

Bengal Election Results: TMC के गढ़ में खिला कमल 

इस बार भाजपा ने टीएमसी के इस पारंपरिक गढ़ में सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। हालांकि, जीत का अंतर काफी कम (3,488 वोट) रहा, जो इस सीट पर मुकाबले की तीव्रता को दर्शाता है। हरिपाल विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनावों में भी तृणमूल कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2014, 2019 और 2024 में टीएमसी ने बड़ी बढ़त बनाई। 2024 में टीएमसी की भाजपा पर बढ़त 32,459 वोटों की रही, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा इस बार उस बढ़त को पाटने में कामयाब रही। हरिपाल में भाजपा की जीत उत्तरी और मध्य बंगाल में पार्टी की बढ़ती ताकत का संकेत है। स्थानीय स्तर पर एंटी-इनकंबेंसी, विकास के मुद्दे और संगठनात्मक प्रयासों ने भाजपा को फायदा पहुंचाया, वहीं तृणमूल कांग्रेस को अपने पारंपरिक वोट बैंक को पूरी तरह मजबूत रखने में चुनौती का सामना करना पड़ा। लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन की कमजोर स्थिति भी भाजपा के लिए फायदेमंद रही, हालांकि वोट ट्रांसफर सीमित रहा। हरिपाल की यह जीत भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टीएमसी के मजबूत गढ़ में सेंध का प्रतीक है।

ये भी पढ़े… संभल DM को SP कृष्ण विश्नोई ने दी विदाई बोले- ‘कुर्सी से इंसान की नहीं, इंसान से कुर्सी की पहचान हो…’

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments