Bihar Cabinet: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पटना और मुजफ्फरपुर सैटेलाइट टाउनशिप के विस्तार से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मत्स्य क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसले शामिल हैं।
Bihar Cabinet: पटना और मुजफ्फरपुर टाउनशिप का होगा विस्तार-
मंत्रिमंडल ने पाटलिपुत्र (पटना) और तिरहुत (मुजफ्फरपुर) सैटेलाइट टाउनशिप के कोर क्षेत्र के विस्तार को मंजूरी दी है। साथ ही पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए जरूरत पड़ने पर भूमि खरीद और अधिग्रहण की भी स्वीकृति दी गई है।
Bihar Cabinet: निजी निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा-
कैबिनेट के अनुसार आधुनिक सुविधाओं से लैस इन टाउनशिप में निजी निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
Bihar Cabinet: CEPT विश्वविद्यालय देगा तकनीकी सहयोग-
परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अहमदाबाद स्थित CEPT विश्वविद्यालय के सलाहकार फाउंडेशन को तकनीकी सहायता इकाई के रूप में नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। यह संस्था मास्टर प्लान, परियोजनाओं के संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में सरकार की मदद करेगी।
तीन नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी-
बिहार के मधुबनी (लखनौर), मुंगेर सदर और मुजफ्फरपुर (मुशहरी) में तीन नए केंद्रीय विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को 5-5 एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर केवल 1 रुपये के टोकन मूल्य पर दी जाएगी।
बेरोजगार युवाओं को मिलते रहेंगे 1000 रुपये-
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत 20 से 25 वर्ष के बेरोजगार युवक-युवतियों को हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
एमटेक के लिए 76 शिक्षकीय पद सृजित-
राज्य के 10 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय में एमटेक पाठ्यक्रम को मजबूत करने के लिए 76 नए शिक्षकीय पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
एम्स पटना के विस्तार के लिए 26.76 एकड़ जमीन अधिग्रहित होगी-
एम्स पटना में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, नेत्र केंद्र और अन्य सुविधाओं के विकास के लिए 26.76 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए 3.48 अरब रुपये की मंजूरी दी गई है।
मत्स्य विकास के लिए बनेगी नई सरकारी कंपनी-
राज्य सरकार ने बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BAIDCL) के गठन को मंजूरी दी है। यह कंपनी फिश फार्म, हैचरी, कोल्ड चेन और फिश मार्केट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास करेगी।
दूध की मिलावट रोकने के लिए लगेंगी जांच मशीनें-
काम्फेड के माध्यम से आधुनिक दुग्ध संग्रहण केंद्र, बल्क मिल्क कूलर और दूध मिलावट जांच मशीनें लगाने के लिए 28.44 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे दूध की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों को पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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