Bihar news: बिहार के गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वन्यजीव तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। ‘ऑपरेशन विलेप’ के तहत RPF ने दून एक्सप्रेस के एक कोच से 48 जीवित कछुए बरामद किए हैं, जिन्हें सुरक्षित रूप से वन विभाग को सौंप दिया गया। RPF अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई उस समय की गई जब टीम रात करीब 10:25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-02 पर खड़ी गाड़ी संख्या 13010 डाउन दून एक्सप्रेस के कोच S-7 की नियमित जांच कर रही थी। जांच के दौरान कोच में रखे दो संदिग्ध प्लास्टिक के बोरे (एक सफेद और एक पीले रंग का) मिले। जब बोरे खोले गए तो उनमें 48 जीवित कछुए पाए गए।
कोच में किसी ने नहीं किया दावा
आरपीएफ ने आसपास बैठे यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी बोरे या कछुओं पर अपना दावा नहीं किया। चूंकि कछुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित प्रजाति है, इसलिए RPF ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी कछुओं को जब्त कर लिया।
Bihar news: वन विभाग को सौंपे गए कछुए
बरामद कछुओं को RPF पोस्ट गया लाया गया और इसकी सूचना गयाजी वन विभाग को दी गई। इसके बाद रेंज अधिकारी आरती कुमारी को सभी 48 जीवित कछुए सुरक्षित अवस्था में सौंप दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन कछुओं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 24 लाख रुपये बताई जा रही है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगियां
Bihar news: गौरतलब है कि इससे पहले भी RPF ने नेताजी एक्सप्रेस और देहरादून एक्सप्रेस से कुल 178 कछुए बरामद किए थे। वहीं, गयाजी से एक दिन पहले झारखंड के साहेबगंज में नई दिल्ली–फरक्का एक्सप्रेस से 1000 से अधिक जीवित कछुए पकड़े गए थे। उस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सामने आया था कि कछुए वाराणसी (बनारस) से लाए जा रहे थे और उन्हें पश्चिम बंगाल में सप्लाई किया जाना था।
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