BJP New Team UP Strategy: भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को खास प्रतिनिधित्व मिला है। पार्टी ने युवा, महिला, ओबीसी, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े चेहरों को संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी हैं। इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और यूपी के जातीय व क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP New Team UP Strategy: ओबीसी, महिला और युवा वोट पर भाजपा की नजर-
नई राष्ट्रीय टीम में यूपी से कई बड़े चेहरों को जगह मिली है। इनमें महिलाएं और ओबीसी नेता भी शामिल हैं। पार्टी की रणनीति में युवा वर्ग के साथ महिला और पिछड़ा वर्ग महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आ रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए इन नियुक्तियों को काफी अहम माना जा रहा है। राष्ट्रीय महासचिव के पद पर स्मृति ईरानी की वापसी को महिला नेतृत्व को मजबूत करने के संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। 2019 में अमेठी से राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी 2024 का लोकसभा चुनाव हार गई थीं। इसके बावजूद संगठन में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देकर भाजपा ने उनके राजनीतिक अनुभव पर भरोसा जताया है।
BJP New Team UP Strategy: कुर्मी और मौर्य समाज को साधने की कोशिश-
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर रेखा वर्मा को बनाए रखना भी यूपी की राजनीति में अहम माना जा रहा है। कुर्मी समुदाय से आने वाली रेखा धौरहरा से दो बार सांसद रह चुकी हैं। वहीं, राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चे का राष्ट्रीय प्रभारी बनाया गया है। मौर्य समुदाय से आने वाले अमरपाल को पिछड़े वर्ग, खासकर कुशवाहा मौर्य मतदाताओं के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
यादव और दलित समीकरण पर भी फोकस-
राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संगीता यादव को दी गई है। पूर्वांचल से आने वाली संगीता महिला और यादव समुदाय, दोनों का प्रतिनिधित्व करती हैं। पूर्वी यूपी में यादव मतदाताओं के बीच भाजपा की राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाना पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। दलित समाज से आने वाले बुलंदशहर सांसद भोला सिंह को भी राष्ट्रीय टीम में जिम्मेदारी मिली है। पश्चिमी यूपी में दलित मतदाताओं तक पार्टी की पहुंच मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
ब्राह्मण और मुस्लिम चेहरों को भी मिली जगह-
पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय टीम में जगह देकर भाजपा ने युवा ब्राह्मण नेतृत्व को भी महत्व दिया है। संगठन और युवा मोर्चे में लंबे अनुभव वाले द्विवेदी चुनाव हारने के बाद भी पार्टी के संगठनात्मक काम में सक्रिय रहे हैं। वहीं, यूपी से दो मुस्लिम चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां मिली हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर और यूपी के मौजूदा एमएलसी प्रो. तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा मेरठ से आने वाले कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।
2027 के चुनाव के लिए समीकरण साधने की कोशिश-
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में यूपी के अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई दे रही है। महिला, युवा, ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और अल्पसंख्यक चेहरों को जिम्मेदारी देकर पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपना सामाजिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ती दिख रही है।
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